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टेक्समैको रेल को JSW से 357 करोड़ का ऑर्डर, शेयरों में दिख सकती है हलचल

JSW ग्रुप से मिला यह नया ऑर्डर टेक्समैको रेल के लिए एक पॉजिटिव ट्रिगर हो सकता है. हालांकि, शेयर का मौजूदा ट्रेंड कमजोर रहा है, लेकिन मजबूत ऑर्डर फ्लो आने वाले समय में निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकता है और स्टॉक की दिशा बदल सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

रेलवे सेक्टर की कंपनी टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड को JSW ग्रुप से 357 करोड़ रुपये से अधिक का बड़ा ऑर्डर मिला है. इस डील के बाद कंपनी के शेयर 1 अप्रैल के कारोबार में फोकस में रह सकते हैं. बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह ऑर्डर कंपनी की ऑर्डर बुक और बिजनेस ग्रोथ को मजबूती देने वाला साबित हो सकता है.

क्या है ऑर्डर की पूरी डिटेल

कंपनी को मिले इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत रेलवे वैगन और रेक्स का निर्माण और सप्लाई करनी होगी. इस ऑर्डर में BLSS, BLCS और BFNV रेक्स के साथ-साथ BVCM वैगन्स की मैन्युफैक्चरिंग और डिलीवरी शामिल है. यह एक घरेलू ऑर्डर है, जिसे काम शुरू होने की तारीख से 11 महीने के भीतर पूरा किया जाएगा.

कंपनी के लिए क्यों अहम है यह डील

कंपनी के अनुसार, यह ऑर्डर उसके रेल फ्रेट यानी माल परिवहन कारोबार को मजबूत करेगा. टेक्समैको रेल लगातार प्राइवेट और इंडस्ट्रियल क्लाइंट्स के साथ अपने कॉन्ट्रैक्ट्स का विस्तार कर रही है, और यह नया ऑर्डर उसी रणनीति का हिस्सा है. इससे कंपनी के रेवेन्यू विजिबिलिटी और ऑर्डर पाइपलाइन दोनों में सुधार की उम्मीद है.

रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन नहीं

कंपनी ने साफ किया है कि यह डील किसी भी तरह से रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन नहीं है. साथ ही, प्रमोटर ग्रुप या उससे जुड़ी किसी भी इकाई की JSW ग्रुप में कोई हिस्सेदारी नहीं है, जिससे यह सौदा पूरी तरह स्वतंत्र और व्यावसायिक आधार पर किया गया है.

पहले भी मिल चुके हैं बड़े ऑर्डर

यह टेक्समैको रेल का पहला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट नहीं है. फरवरी 2026 में कंपनी को मुंबई रेलवे विकास कॉरपोरेशन लिमिटेड (MRVC) से 219.18 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला था. इस प्रोजेक्ट के तहत मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (MUTP-IIIA) के लिए सिग्नलिंग सिस्टम का डिजाइन, सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम शामिल था.

शेयर प्रदर्शन: दबाव में स्टॉक

बड़े ऑर्डर्स के बावजूद कंपनी के शेयर हाल के समय में दबाव में रहे हैं. सोमवार को शेयर 5.69 प्रतिशत गिरकर 78.90 रुपये पर बंद हुआ. पिछले एक महीने में इसमें 20 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है, जबकि छह महीनों में यह करीब 42.62 प्रतिशत टूट चुका है.

 


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