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अमेरिका-ईरान तनाव से तेल बाजार में उबाल, ब्रेंट 79 डॉलर के पार, सप्लाई संकट की आशंका गहराई
कच्चे तेल में आई इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव है. अमेरिका ने एक सप्ताह के भीतर ईरान पर चौथी सैन्य कार्रवाई की.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने एक बार फिर वैश्विक तेल बाजार में हलचल मचा दी है. अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव तेज होने के बाद सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में करीब 4% की जोरदार तेजी दर्ज की गई. ब्रेंट क्रूड 79 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 74 डॉलर के पार निकल गया. वहीं, पर्याप्त सप्लाई और कमजोर मांग की उम्मीद के चलते अमेरिकी प्राकृतिक गैस सात हफ्तों के निचले स्तर पर फिसल गई.
पश्चिम एशिया में एक बार फिर बढ़ते तनाव का असर वैश्विक कमोडिटी बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है. सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 4% की तेजी दर्ज की गई. ब्रेंट क्रूड 79 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 74 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार करता दिखा.
अमेरिका-ईरान टकराव से सप्लाई पर बढ़ी चिंता
कच्चे तेल में आई इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव है. अमेरिका ने एक सप्ताह के भीतर ईरान पर चौथी सैन्य कार्रवाई की. यह हमला ईरान की ओर से साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज पर किए गए हमले के जवाब में किया गया.
इसके बाद ईरान ने दावा किया कि उसने दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अगली सूचना तक बंद कर दिया है. हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज किया है, लेकिन निवेशकों को आशंका है कि यदि हालात और बिगड़े तो वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है. इसी चिंता ने तेल की कीमतों को ऊपर धकेल दिया.
शांति वार्ता की उम्मीदों को झटका
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौते की खबरों के बाद कच्चे तेल में कुछ नरमी देखने को मिली थी. लेकिन ताजा सैन्य घटनाक्रम ने उस राहत को खत्म कर दिया. अब दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावना भी कमजोर पड़ती नजर आ रही है. ईरान का कहना है कि आगे किसी भी वार्ता से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य और तेल निर्यात से जुड़े मुद्दों पर ठोस प्रगति जरूरी होगी.
ब्रेंट और WTI दोनों में जोरदार उछाल
सोमवार सुबह ब्रेंट क्रूड करीब 3.93% की तेजी के साथ 79 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया. वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी करीब 3.98% चढ़कर 74.25 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है.
सात हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंची प्राकृतिक गैस
एक ओर जहां कच्चे तेल में तेजी देखने को मिली, वहीं अमेरिकी प्राकृतिक गैस की कीमतें गिरकर सात सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गईं. प्राकृतिक गैस का भाव घटकर 2.90 डॉलर प्रति MMBtu रह गया है.
इस गिरावट की प्रमुख वजह अमेरिका में आने वाले दिनों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहने का अनुमान है, जिससे एयर कंडीशनिंग की मांग कम होने और गैस आधारित बिजली उत्पादन घटने की उम्मीद है. इसके अलावा फ्रीपोर्ट LNG ने 10 जुलाई से अगस्त के आखिर तक अपने प्लांट में रखरखाव (मेंटेनेंस) का काम शुरू किया है, जिससे अस्थायी रूप से गैस की खपत भी कम होगी.
अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 3 जुलाई तक देश में प्राकृतिक गैस का भंडार पिछले पांच वर्षों के औसत से 6.6% अधिक है. पर्याप्त सप्लाई और कमजोर मांग के अनुमान के कारण फिलहाल प्राकृतिक गैस की कीमतों पर दबाव बना हुआ है.
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