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वंदे भारत योजना को लगा तगड़ा झटका, 100 ट्रेन का टेंडर हुआ रद्द, सामने आई ये बड़ी वजह
सरकार ने अगले 7 साल में 100 वंदे भारत ट्रेनें और उतारने के लिए बड़ा टेंडर जारी किया था, लेकिन कीमतों पर बात अटक गई और आखिरकार रेलवे ने इस टेंडर को रद कर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
देश में सभी लंबे रूट पर वंदे भारत ट्रेन चलाने की योजना को बड़ा झटका लगा है. सरकार ने वंदे भारत ट्रेन बनाने का 30 हजार करोड़ का ठेका रद कर दिया है. योजना के तहत 100 वंदे भारत ट्रेन बनाने का लक्ष्य रखा था. लेकिन, टेंडर पूरा होने से पहले ही भारतीय रेलवे ने इस कॉन्ट्रैक्ट को रद कर दिया है. ऐसे में योजना को पूरा करने में निश्चित तौर पर देरी होगी. अब भारतीय रेलवे ने इस प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने के लिए और समय मांगा है.
क्यों रद्द हुआ टेंडर?
रेलवे ने 100 वंदे भारत ट्रेन बनाने का ठेका 30 हजार करोड़ रुपये में निकाला था. इसके लिए तमाम कंपनियों ने दावेदारी पेश की और फ्रांस की कंपनी आल्सटम इंडिया के साथ बातचीत आखिरी चरण तक पहुंच गई थी. बाद में पैसों को लेकर दोनों के बीच सहमति नहीं बनी और रेलवे ने फिलहाल इस टेंडर को वापस ले लिया है. एल्सटम इंडिया के एमडी ओलिवर लुइसन ने बताया कि टेंडर में ऑफर किए गए पैसों को लेकर दिक्कत थी. इसके साथ ही एल्युमीनियम बॉडी वाली वंदे भारत ट्रेन बनाने के लिए बातचीत चल रही थी, लेकिन भारतीय रेलवे ने अपना टेंडर ही कैंसिल कर दिया.
140 करोड़ रुपये में टेंडर देने की मंशा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार टेंडर पैनल को फ्रांसीसी कंपनी एल्सटॉम की बोली बहुत ज्यादा लगी. कंपनी ने एक ट्रेन सेट की कीमत 150.9 करोड़ रुपये बताई थी. लेकिन रेलवे की मंशा है कि यह कीमत 140 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं हो. हालांकि एल्सटॉम 145 करोड़ रुपये पर इसके लिए तैयार थी. 30,000 करोड़ रुपये के टेंडर के लिए सबसे कम बोली एल्सटॉम ने ही लगाई थी. कंपनी ने 30 मई 2023 को हुई बोली में 100 वंदे भारत ट्रेन सेट बनाने को लेकर इच्छा जताई थी. एक अधिकारी ने बताया कि इस कॉन्ट्रैक्ट को रद्द करने से रेलवे को अच्छी कीमत पर ट्रेन की डिलीवरी पाने के लिए ज्यादा समय मिल जाएगा.
स्टेनलेस स्टील वंदे भारत की कीमत 120 करोड़
जुलाई 2023 में एल्सटॉम के सीईओ हेनरी पुपार्ट-लाफार्ज ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि कंपनी प्रोजेक्ट के लिए नई एल्युमिनियम टेक्नोलॉजी का यूज करेगी. पिछले साल लाफार्ज ने कहा था कि कंपनी ने प्रोजेक्ट के लिए अच्छी कीमत दी है. एक अधिकारी के अनुसार इससे पहले 200 स्टेनलेस स्टील वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट बनाने का कॉन्ट्रैक्ट 120 करोड़ रुपये ट्रेन के हिसाब से दिया गया था. एक अधिकारी ने यह भी कहा कि सबसे अच्छी कीमत पाने के लिए कंपनियों के बीच कंप्टीशन जरूरी है. उन्होंने बताया कि अगली बार कई कंपनियां टेंडर में हिस्सा ले सकेंगी. इस बार केवल दो कंपनियों ने ही हिस्सा लिया था.
35 साल के मेंटीनेंस के लिए 17000 करोड़ रुपये
अधिकारी ने बताया कि टेंडर में शामिल होने के लिए कंपनियों के पास रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) की सुविधा जरूर होनी चाहिए. ताकि वे एक नमूना ट्रेन बना सकें. इसके अलावा, उनके पास हर साल कम से कम पांच ट्रेन सेट बनाने की क्षमता भी होनी चाहिए. कुल मिलाकर सात साल में 100 ट्रेन सेट डिलीवर करने होंगे. कॉन्ट्रैक्ट की शर्त के अनुसार जीतने वाली कंपनी को ट्रेन सेट देने पर 13,000 करोड़ रुपये मिलेंगे और बाकी 17,000 करोड़ रुपये 35 साल तक मेंटेनेंस के लिए दिए जाएंगे.
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