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अब फोन करने वाले नहीं छिपा सकेंगे अपनी पहचान, जानिए सरकार का नया फैसला
इस नए बिल में आम आदमी की सुरक्षा के साथ-साथ फ्रॉड करने वालों पर भी नकेल कसी गई है. जो लोग केवाईसी कराते वक्त अपनी ग़लत जानकारी दे देते हैं ऐसे लोगों पर नकेल कसने के भी इस बिल में प्रावधान किया गया है
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
इंडियन टेलीकम्युनिकेशन बिल 2022 को लेकर केन्द्री य मंत्री अश्विनी वैष्ण्व ने कहा है कि इस बिल में यूजर के प्रोटेक्शकन को टॉप प्राथमिकता पर रखा गया है. अब कॉल करने वाला अपनी पहचान को नहीं छिपा सकता है. इस बिल में केवाईसी को लेकर कई तरह के प्रावधान किए गए हैं. अगर आपने अपने नंबर का केवाईसी कराया है तो अब कॉल करने वाला अपनी आइडेंटिटी नहीं छिपा पाएगा. इस बिल के आने के बाद आपके पास जो भी कॉल आयेगा उसका नाम आपको दिखाई देगा.
फ़ेसबुक और व्हाट्सएप वाले कॉलर भी नहीं छिपा सकेंगे पहचान
टेलीकॉम मंत्री अश्विनी वैष्णाव ने कहा कि हमारी जिंदगी में प्राइवेसी बेहद महत्वपूर्ण है. उन्हों ने कहा कि कई दौर की चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने इस बात पर विशेष ध्यान दिया है कि यूजर की प्राइवेसी और सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता पर रखा जाए. इस नए बिल में अगर आपको कोई फेसबुक या व्हाट्सएप से कॉल कर रहा है तो आपको उसकी आइडेंटिटी भी दिखाई देगी.
ग़लत केवाईसी कराने पर होगी सज़ा
इस नए बिल में आम आदमी की सुरक्षा के साथ-साथ फ्रॉड करने वालों पर भी नकेल कसी गई है. जो लोग केवाईसी कराते वक्त अपनी ग़लत जानकारी दे देते हैं ऐसे लोगों पर नकेल कसने के लिए भी इस बिल में प्रावधान किया गया है. सही जानकारी न देने पर आपको सजा भी हो सकती है.
ओटीटी प्लेटफॉर्म को भी लाया गया दायरे में
सरकार इस नए बिल में ओटीटी प्लेटफॉर्म को भी ले आई है. कोरोना के समय जब ओटीटी पर आई कई फिल्मों के कंटेंट को लेकर विवाद हुआ तो उस समय इनके कानून के दायरे में न आने का मसला भी उठा था. लेकिन अब सरकार इन प्लेेटफॉर्म को भी इसके दायरे में ले आई है. देश में मौजूदा समय में नेटफ्लिक्स ,अमेजन प्राइम, वूट, एम एक्सा प्लेयर जैसी कंपनियां ये सेवा दे रही हैं.
लाइसेंसिंग को बनाया गया सरल
टेलीकॉम मंत्री ने बताया कि टेलीग्राफ एक्ट में लाइसेंसिंग की प्रक्रिया बहुत जटिल थी. लेकिन अब उसे इस नए बिल में आसान बना दिया गया है. मसलन पहले वायरलेस सेवा के लिए लाइसेंस लेना पड़ता था. लेकिन अब वो ट्राई से सिर्फ एक ऑथराइजेशन लेकर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.
5जी के लिए आसान की है नई राह
इस नए बिल में 5जी सेवाओं को बेहतर तरीके से देने के लिए कई मूलभूत बदलाव किए गए हैं. जैसे पहले किसी टॉवर से जुड़े अलग-अलग मसलों को लेकर विवाद गहरा जाता था. लेकिन अब इसमें हर पहलू को क्लियर कर दिया गया है. जिसमें अगर पब्लिक प्रॉपर्टी से जुड़ा मामला है तो उसे टाइम बाउंड तरीके से सुलझाया जाएगा. इसी तरह अगर वो विवाद प्राइवेट प्रॉपर्टी से जुड़ा है तो उसे आपसी बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा. जिससे विवाद जल्द ख़त्म हो और ग्राहक को बेहतरीन सेवा मिले.
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