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पुरानी कार बिक्री से लेकर, पॉपकार्न खाने तक सब पर बढ़ा टैक्स, अब चुकाना होगा इतना GST
GST की वर्तमान संरचना में चार स्लैब (5%, 12%, 18%, और 28%) शामिल हैं. विलासिता और डीमेरिट गुड्स पर 28% का कर लगाया जाता है, जबकि आवश्यक वस्तुओं पर 5% की दर लागू होती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज शनिवार को जीएसटी काउंसिल की 55वीं बैठक हुई. इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं. जीएसटी काउंसिल ने EV सहित पुरानी और यूज्ड कार्स की बिक्री पर टैक्स की दर 12% से बढ़ाकर 18% करने को मंजूरी दी. वहीं, जीएसटी कौंसिल Autoclaved Aerated Concrete (ACC) जिसमें 50% से ज़्यादा फ्लाई ऐश केवल 12% जीएसटी लगेगा.
पुरानी और यूज्ड कारों के साथ EV की बिक्री पर टैक्स बढ़ा
जीएसटी काउंसिल ने पुराने यूज्ड वाहनों की बिक्री पर कर को 12% से बढ़ाकर 18% करने को मंजूरी दे दी है. काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि 18% टैक्स मार्जिन के साथ बेचे जाने पर और किसी बिजनेस द्वारा डेप्रिशिएशन का दावा करने के लिए खरीदे जाने पर, दोनों पर लागू होगा. इसके साथ ही जीएसटी काउंसिल ने पुरानी और इस्तेमाल की गई इलेक्ट्रिक गाड़ियों और छोटी पेट्रोल और डीजल कारों की बिक्री पर 18% जीएसटी लगाया जाएगा. वर्तमान दर 12% है.
कैरेमल पॉपकॉर्न पर सबसे ज्यादा टैक्स
इस बैठक में पॉपकॉर्न को भी जीएसटी के दायरे में लाया गया. अब रेडी टू इट पॉपकॉर्न पर भी जीएसटी लगाया जाएगा. जीएसटी काउंसिल की इस बैठक में नमक और मसालों से बनाए गए पॉपकॉर्न, जो पहले से पैक नहीं है और जिन पर लेबल नहीं लगा है उन पर 5 फीसदी, वहीं पैकेज्ड और लेबल होने पर इस पर जीएसटी को बढ़ाकर 12 फीसदी कर दिया गया. जबकि कैरेमल से तैयार पॉपकॉर्न को 'चीनी कन्फेक्शनरी' की कैटेगरी में रखते हुए इस पर 18 फीसदी जीएसटी लगाया गया.
टर्म इंश्योरेंस पर नहीं घटा GST
इस बैठक से उम्मीद की जा रही थी कि, सरकार टर्म इंश्योरेंस पर GST की दरों को घटा सकती है, लेकिन वित्त मंत्री और मंत्री समूह के GMO ने इस मुद्दे पर सहमति नहीं बनने की वजह से इसे अगली मीटिंग तक के लिए टाल दिया. टर्म इंश्योरेंस लंबे समय के लिए लिया जाता है. इसका प्रीमियम सालाना, क्वाटर्ली और मंथली बेस पर दिया जाता है. फिलहाल की GST दरों के अनुसार टर्म इंश्योरेंस लेने पर उसके प्रीमियम पर 18 फीसदी जीएसटी देना पड़ता है. आपको बता दें टैक्स की इतनी ज्यादा दरों की वजह से भी बहुत से लोग टर्म इंश्योरेंस खरीदने से बचते हैं.
148 वस्तुओं पर नहीं हुआ बदलाव
मंत्री समूह ने विभिन्न वस्तुओं पर कर दरों को युक्तिसंगत बनाने के लिए सिफारिशें की हैं. नुकसान करने वाले पेय पदार्थ और तंबाकू उत्पादों पर कर दर 28% से बढ़ाकर 35% करने का सुझाव दिया गया है. वहीं, परिधानों पर नई दरों का प्रस्ताव निम्नलिखित है
• 1,500 रुपये तक के कपड़ों पर 5% जीएसटी.
• 1,500 रुपये से 10,000 रुपये तक के कपड़ों पर 18% जीएसटी.
• 10,000 रुपये से अधिक कीमत वाले कपड़ों पर 28% जीएसटी.
• साथ ही, 15,000 रुपये से अधिक के जूतों और 25,000 रुपये से अधिक की घड़ियों पर कर दर को 18% से बढ़ाकर 28% करने की सिफारिश की गई है.
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