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कौन कर रहा है Indigo की आसमानी बादशाहत को टक्कर देने की तैयारी! जानिए क्या है प्लान
एयर इंडिया और विस्तारा के विलय के बाद इसे एक ज्वाइंट वेंचर के तहत लाने की भी तैयारी है. सूत्रों के हवाले से ये खबर आ रही है
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: आसमान में अब नई जंग छिड़ने वाली है, Tata Group अब आकाश में IndiGo की बादशाहत को टक्कर देने के लिए नई रणनीति पर काम कर रही है. दरअसल, Air India और Vistara Airlines का विलय करने की योजना पर Tata Group और Singapore Airlines के बीच बेहद गंभीरता से विचार चल रहा है.
Tata Group का क्या है प्लान
कई मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि एयर इंडिया और विस्तारा के विलय के बाद इसे एक ज्वाइंट वेंचर के तहत लाने की भी तैयारी है. Live Mint में छपी खबर के मुताबिक टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस एयर इंडिया और विस्तारा एयरलाइंस के कारोबार के विलय को लेकर चर्चा कर रहे हैं. ये ज्वाइंट वेंचर को लेकर इसलिए चर्चा की जा रही है ताकि संसाधनों का सही इस्तेमाल किया जा सके साथ ही देश की टॉप एयरलाइन इंडिगो को कड़ी टक्कर भी दी जा सके. रिपोर्ट में दो व्यक्तियों का हवाला दिया गया, जिन्होंने नाम न छापने की शर्तों पर कहा कि सिंगापुर एयरलाइंस विलय के हिस्से के रूप में 5,000 से 10,000 करोड़ रुपये की सीमा में 25 परसेंट तक की माइनॉरिटी हिस्सेदारी रख सकती है.
कब पूरा होगा विलय
वहीं, विलय को पूरा होने में करीब एक साल का समय लग सकता है. सूत्रों के मुताबिक, एयर इंडिया और विस्तारा का संयुक्त रूस से वैल्यूएशन कम से कम 30,000 करोड़ रुपये हो सकता है. सिंगापुर एयरलाइंस विस्तारा में टाटा संस का इस समय ज्वाइंट वेंचर पार्टनर है. इन दोनों ज्वाइंट वेंचर पार्टनर्स के बीच इस बात पर चर्चा चल रही है कि देश में विमानने के क्षेत्र में आने वाले भविष्य के मौकों का कैसे ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाया जाए. कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर में किस तरह के बदलाव किए जाएंगे, इसे लेकर भी दोनों में चर्चा की जा रही है.
इंडिगो को चुनौती देना मकसद
मीडिया रिपोर्ट् में ऐसा भी बताया जा रहा है कि मर्जर का मकसद इंडिगो एयरलाइन को चुनौती देना है. घरेलू बाजार में इंडिगो का दबदबा है और आसमान में इसकी हिस्सेदारी 50 परसेंट है. विलय के बाद टाटा संस अपने विमानन कारोबार की बैलेंस शीट को मजबूत करने में मदद कर सकती है. हालांकि, ब्रांड को लेकर सवाल बना हुआ है. टाटा संस और विस्तारा के प्रवक्ताओं ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. वहीं, सिंगापुर एयरलाइंस के प्रवक्ता का कहना है कि हम किसी गोपनीय चर्चा पर टिप्पणी नहीं करते हैं.
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