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टाटा-अंबानी का क्विक डिलीवरी में बड़ा दांव, अब 10 मिनट में मिलेगा स्मार्टफोन और गैजेट्स
टाटा और अंबानी का यह नया कदम भारतीय रिटेल और ई-कॉमर्स मार्केट में एक नया युग शुरू कर सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
अब दूध-ब्रेड जैसी रोजमर्रा की चीजों की तरह, स्मार्टफोन, हेडफोन या लैपटॉप जैसे महंगे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स भी मिनटों में आपके दरवाजे पर होंगे. देश के दो सबसे बड़े कॉर्पोरेट समूह रिलायंस रिटेल (Reliance) और टाटा ग्रुप (Tata Group) अब इलेक्ट्रॉनिक्स क्विक कॉमर्स की रेस में कूद चुके हैं.
सिर्फ किराना नहीं, अब गैजेट भी मिनटों में
अब तक लोग क्विक डिलीवरी सेवाओं से दूध, ब्रेड या सब्जियां मंगाने के आदी थे. लेकिन अब बदलाव की हवा चल चुकी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार टाटा और रिलायंस ने तय किया है कि अब इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स भी तुरंत यानी 10 से 30 मिनट में ग्राहकों तक पहुंचेंगे. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि ग्राहक बिना लंबे इंतजार के जब चाहें, तब तुरंत नया गैजेट मंगवा सकते हैं.
रिलायंस का 30 मिनट वाला प्लान
रिलायंस रिटेल ने अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जियोमार्ट पर इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स की डिलीवरी शुरू कर दी है. कंपनी का वादा है कि ग्राहक को 30 मिनट के भीतर प्रोडक्ट मिलेगा. रिलायंस के मुख्य वित्तीय अधिकारी दिनेश तलुजा के अनुसार, “हमारे पास सिर्फ एक-दो मॉडल नहीं, बल्कि पूरा ‘ग्रैब-एंड-गो’ इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर 30 मिनट डिलीवरी के लिए तैयार है.” ये सुविधा फिलहाल भारत के टॉप 10 शहरों में शुरू की जा चुकी है.
टाटा का Croma–BigBasket गठबंधन
टाटा ग्रुप ने अपने इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर क्रोमा को बिग बास्केट के साथ इंटीग्रेट किया है. इसका मतलब है कि अब स्मार्टफोन, ब्लूटूथ डिवाइसेज़ और अन्य गैजेट्स 10 मिनट में डिलीवर किए जा सकेंगे. यह सेवा फिलहाल बेंगलुरु में शुरू हुई है और जल्दी ही अन्य शहरों तक इसका विस्तार होगा. खास बात यह है कि बिग बास्केट अब Apple का आधिकारिक रीसेलर बन चुका है, जिससे iPhone जैसे प्रोडक्ट भी फास्ट डिलीवरी के लिए उपलब्ध होंगे.
क्यों इलेक्ट्रॉनिक्स बना नया फोकस?
ग्रॉसरी डिलीवरी की तुलना में इलेक्ट्रॉनिक्स में मुनाफा ज्यादा है. जहां एक किराना डिलीवरी की कीमत ₹200 होती है, वहीं एक स्मार्टफोन की औसत कीमत ₹20,000 हो सकती है. इसके अलावा, ग्राहक अब "इंस्टेंट ग्रैटिफिकेशन" यानी तुरंत प्राप्ति की ओर बढ़ रहे हैं, उन्हें गैजेट्स के लिए इंतजार करना पसंद नहीं.
प्रतिस्पर्धा में कौन-कौन?
हालांकि Zepto, Blinkit और Swiggy Instamart जैसे खिलाड़ी पहले से इस स्पेस में हैं, लेकिन उनके पास सीमित रेंज है. दूसरी ओर, Vijay Sales और Sangeetha Mobiles जैसे पारंपरिक रिटेलर्स भी अपने स्थानीय स्टोर्स से क्विक डिलीवरी दे रहे हैं. बेंगलुरु में संगीता मोबाइल्स 30 मिनट में डिलीवरी कर रही है, जबकि विजय सेल्स दो घंटे में बड़े प्रोडक्ट्स पहुंचा रही है. उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सुविधा और भरोसे का संतुलन बना रहा, तो ग्राहक फास्ट डिलीवरी के लिए एक्स्ट्रा कीमत चुकाने के लिए भी तैयार रहेंगे.
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