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तमिलनाडु बजट 2026: रूफटॉप सोलर लगाने पर ₹1 लाख तक की सब्सिडी, बिजली ढांचे को मजबूत करने पर बड़ा फोकस
सरकार का कहना है कि इन निवेशों से राज्य में बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय होगी, नवीकरणीय ऊर्जा का बेहतर एकीकरण होगा और भविष्य की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
तमिलनाडु सरकार ने राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. बजट 2026 में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को 1 लाख रुपये तक की राज्य सब्सिडी देने का ऐलान किया गया है. इस योजना के लिए सरकार ने 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. यह सब्सिडी केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली वित्तीय सहायता के अतिरिक्त होगी. इसके साथ ही बैटरी एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर और बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भी हजारों करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा गया है.
रूफटॉप सोलर क्षमता बढ़ाने पर जोर
सरकार का लक्ष्य राज्य में रूफटॉप सोलर को तेजी से बढ़ावा देना है. जुलाई 2026 तक तमिलनाडु में रूफटॉप सोलर की स्थापित क्षमता 316 मेगावाट रही, जबकि 1,03,004 घरों में 87,039 सोलर इंस्टॉलेशन किए जा चुके हैं. राज्य सरकार का मानना है कि नवीकरणीय ऊर्जा की बड़ी क्षमता होने के बावजूद तमिलनाडु इस क्षेत्र में कई बड़े राज्यों से पीछे है.
बैटरी स्टोरेज के लिए नई नीति
बजट में बिजली क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रमोशन पॉलिसी लाने की घोषणा की गई है. इसका उद्देश्य ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित करना है, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर उपयोग में मदद मिलेगी.
स्मार्ट मीटर और बिजली नेटवर्क होगा मजबूत
सरकार चेन्नई के सभी बिजली उपभोक्ताओं के साथ-साथ राज्य के अन्य हिस्सों में करीब 50 लाख औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाने की योजना भी लागू करेगी. इसके अलावा, दक्षिण तमिलनाडु से नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर ट्रांसमिशन के लिए 1,187 करोड़ रुपये की लागत से ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण पर काम शुरू किया जाएगा.
बिजली उत्पादन क्षमता में होगा इजाफा
सरकार उदनगुडी स्टेज-1 और एन्नोर SEZ थर्मल पावर परियोजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ाएगी. इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने पर राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता में 2,640 मेगावाट की बढ़ोतरी होगी.
ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क पर हजारों करोड़ का निवेश
बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार 1,543 करोड़ रुपये की लागत से 178 नए सबस्टेशन बनाएगी. साथ ही चरणबद्ध तरीके से 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर 40,000 पुराने ट्रांसफॉर्मर बदले जाएंगे. इसके अलावा, कोयंबटूर और अरियालुर के बीच ट्रांसमिशन लाइन के लिए 4,000 करोड़ रुपये तथा विरुधुनगर-कोयंबटूर ट्रांसमिशन परियोजना के लिए 1,640 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
सरकार का कहना है कि इन निवेशों से राज्य में बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय होगी, नवीकरणीय ऊर्जा का बेहतर एकीकरण होगा और भविष्य की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी.
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