✕

होम / बिजनेस / स्विगी जुटाएगी ₹10,000 करोड़ का फंड, मजबूत करेगी बैलेंस शीट और बढ़ाएगी क्विक-कॉमर्स में पकड़

स्विगी जुटाएगी ₹10,000 करोड़ का फंड, मजबूत करेगी बैलेंस शीट और बढ़ाएगी क्विक-कॉमर्स में पकड़

स्विगी का यह कदम प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत करने और निवेशकों के विश्वास को बढ़ाने की दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago

फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी ने अपने विस्तार और वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये तक की राशि जुटाने की योजना को मंजूरी दी है. कंपनी इस फंड को योग्य संस्थागत प्लेसमेंट (QIP) या अन्य स्वीकृत माध्यमों से जुटा सकती है.

बोर्ड ने दी बड़ी मंजूरी

स्विगी लिमिटेड के निदेशक मंडल ने 7 नवंबर 2025 को आयोजित बैठक में फंड जुटाने की इस योजना को हरी झंडी दे दी. कंपनी ने कहा कि यह कदम भारत के तेजी से बढ़ते क्विक-कॉमर्स और फूड डिलीवरी मार्केट में अपनी स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है. फंड जुटाने की प्रक्रिया सार्वजनिक या निजी पेशकश के जरिये की जा सकती है. स्विगी ने सेबी के दिशा-निर्देशों के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से असाधारण आम बैठक (ईजीएम) बुलाकर शेयरधारकों से मंजूरी लेने की बात कही है.

कंपनी का बयान

स्विगी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में कहा कि कंपनी एक या एक से अधिक चरणों में योग्य संस्थानों के प्लेसमेंट या अन्य माध्यमों से फंड जुटाने की योजना बना रही है. कंपनी इस राशि का उपयोग विस्तार, तकनीकी निवेश और बैलेंस शीट को मजबूत करने में करेगी. बता दें कि घाटे में चल रही स्विगी अपने प्रतिद्वंद्वी ब्लिंकिट और जेप्टो जैसी कंपनियों के साथ मार्केट शेयर की दौड़ में भारी निवेश कर रही है.

ब्रोकरेज फर्म का नजरिया

तेज प्रतिस्पर्धा के बावजूद ब्रोकरेज हाउस स्विगी के शेयर को लेकर आशावादी हैं. मोतीलाल ओसवाल ने कंपनी के शेयर पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है और 550 रुपये का लक्ष्य मूल्य तय किया है.  यह मौजूदा स्तर 401 रुपये से लगभग 35% अधिक है. ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 तक स्विगी की आय में 20-22% की वृद्धि होगी.

वित्तीय प्रदर्शन में मिला-जुला रुख

स्विगी का घाटा वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही में बढ़कर 1,092 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 626 करोड़ रुपये था. हालांकि, कंपनी की परिचालन आय बढ़कर 5,561 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष 3,601 करोड़ रुपये थी. कंपनी ने बताया कि खर्च में भी इजाफा हुआ है और यह 6,711 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 4,309 करोड़ रुपये था.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

भारत-CARICOM बैठक में व्यापार और जलवायु सहयोग पर चर्चा, UNSC की 2028-29 अवधि के लिए भारत को समर्थन

विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में राजनीतिक संबंधों के साथ व्यापार और निवेश, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता और ऊर्जा सहयोग जैसे मुद्दे प्रमुख रहे.

12 hours ago

टाटा सन्स ने खारिज की नोएल टाटा की आपत्ति, एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को बताया वैध

चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति पर टाटा सन्स ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है, लेकिन इससे टाटा सन्स और टाटा ट्रस्ट्स के बीच विवाद समाप्त नहीं हुआ है.

12 hours ago

एशियन फुटवेयर्स की नई ब्रांडिंग स्ट्रैटेजी, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के 3 प्लेटफॉर्म्स के नेमिंग राइट्स हासिल किए

न प्लेटफॉर्म्स पर कंपनी के ब्रांड एंबेसडर और पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तस्वीर भी लगाई गई है.

13 hours ago

द टाटा क्लब: टाटा संस की लिस्टिंग के पीछे परिवारों, बोर्डरूम और कारोबार की कहानी

टाटा विवाद के केंद्र में 18% हिस्सेदारी और इसके इर्द-गिर्द परिवारों, दोस्तों, वकीलों और निदेशकों का असाधारण नेटवर्क

14 hours ago

SEBI का बड़ा फैसला: PMS के जरिए म्युचुअल फंड में निवेश का रास्ता खुला, कई नियम बदले

SEBI ने REIT और InvIT की यूनिट्स पर डिपॉजिटरी रिसीट जारी करने की भी मंजूरी दी है. इसका उद्देश्य इन निवेश साधनों में विदेशी पूंजी की भागीदारी बढ़ाने से जुड़ा है.

15 hours ago


बड़ी खबरें

जब बोर्डरूम बन जाए ब्रांडरूम: टाटा ब्रांड की रक्षा कौन करेगा?

इतने मजबूत तरीके से भरोसे से जुड़े समूह के लिए बड़ा सवाल यह है कि क्या लंबे समय तक बनी रहने वाली अनिश्चितता अंततः व्यापक टाटा समूह को लेकर धारणाओं को प्रभावित कर सकती है, लिखते हैं डॉ. अनुराग बत्रा

7 hours ago

MCX को-लोकेशन: SEBI बना युधिष्ठिर

नियामक का कहना है कि उसने MCX को अपने ट्रेडिंग इंजन को एक अमेरिकी स्वामित्व वाले डेटा सेंटर में ले जाने की "कोई अनुमति नहीं" दी. उसका यह भी कहना है कि उसे इसकी जानकारी दी गई थी. इन दोनों बयानों के बीच वह सब कुछ है जो भारत NSE से सीखने में विफल रहा.

5 hours ago

REIT-InvIT में बढ़ेगा निवेश, 5 साल में दोगुना हो सकता है AUM, ₹20 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान

ICRA के मुताबिक, वित्त वर्ष 2030-31 तक InvIT और REIT का संयुक्त AUM करीब ₹20 लाख करोड़ हो सकता है. सड़क, रिन्यूएबल एनर्जी, वेयरहाउसिंग और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर इस वृद्धि को रफ्तार दे सकते हैं.

10 hours ago

भारत के रनिंग बाजार में विस्तार की तैयारी, डेकाथलॉन का 2030 तक ₹1,000 करोड़ कारोबार का लक्ष्य

50 लाख सक्रिय रनर्स तक पहुंचने की रणनीति, इस साल KIPRUN के 35 नए प्रोडक्ट होंगे लॉन्च

2 hours ago

मिठाई के डिब्बे से पर्सनलाइज्ड तोहफों तक, बदल रही फेस्टिव गिफ्टिंग की तस्वीर

प्रीमियम चॉकलेट, स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद, स्मार्ट उपकरण और अनुभव आधारित उपहारों की बढ़ती मांग; छोटे शहरों तक पहुंचा महंगे और व्यक्तिगत उपहारों का चलन

5 hours ago