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सुजलॉन के मुनाफे में 15% उछाल, रेवेन्यू भी बढ़ा, फिर भी शेयर फिसला

सुजलॉन एनर्जी के Q3 नतीजे ऑपरेशनल मोर्चे पर मजबूती दिखाते हैं, लंबी अवधि में मजबूत ऑर्डर बुक, बेहतर कैश पोजीशन और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ती मांग कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत बने हुए हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी सुजलॉन एनर्जी के दिसंबर तिमाही के नतीजे सालाना आधार पर मजबूत रहे, लेकिन इसके बावजूद शेयर बाजार में निवेशकों की निराशा देखने को मिली. Q3 नतीजों के बाद गुरुवार को सुजलॉन का शेयर तेज गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया. मुनाफे, रेवेन्यू और EBITDA में अच्छी बढ़त के बावजूद स्टॉक पर दबाव बना रहा.

शेयर में तेज गिरावट

दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद 5 फरवरी को सुजलॉन एनर्जी का शेयर करीब 4.46 प्रतिशत टूटकर ₹47.55 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. इंट्राडे में स्टॉक अपने ऊपरी स्तर से लगभग 6 प्रतिशत तक फिसल गया. निवेशकों ने मजबूत नतीजों के बावजूद मुनाफावसूली को तरजीह दी, जिससे शेयर पर दबाव बढ़ा.

मुनाफे में 15% की बढ़त

दिसंबर तिमाही में सुजलॉन एनर्जी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 14.8 प्रतिशत बढ़कर ₹445.2 करोड़ पहुंच गया. पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने ₹387 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था. यह बढ़त मजबूत ऑर्डर निष्पादन और बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन की वजह से देखने को मिली.

रेवेन्यू और EBITDA में मजबूत सुधार

तिमाही के दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 42.4 प्रतिशत बढ़कर ₹4,228.1 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹2,968 करोड़ था.
EBITDA में भी 48 प्रतिशत की तेज बढ़त दर्ज की गई और यह ₹730.5 करोड़ तक पहुंच गया. वहीं, EBITDA मार्जिन 70 बेसिस पॉइंट सुधरकर 17.3 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले 16.6 प्रतिशत था.

रिकॉर्ड ऑर्डर बुक और डिलीवरी

दिसंबर तिमाही के अंत में सुजलॉन की ऑर्डर बुक रिकॉर्ड 6.4 गीगावॉट पर पहुंच गई. इस दौरान कंपनी ने 617 मेगावॉट की डिलीवरी की, जो उसके इतिहास में किसी भी तिमाही की सबसे बड़ी डिलीवरी है. फिलहाल 2.4 गीगावॉट के ऑर्डर का एग्जीक्यूशन चल रहा है, जिससे आने वाले क्वार्टर्स के लिए रेवेन्यू विजिबिलिटी मजबूत होती है.

बैलेंस शीट मजबूत, नेट कैश पोजीशन में सुधार

कंपनी की बैलेंस शीट भी मजबूत बनी हुई है. दिसंबर तिमाही के अंत में सुजलॉन एनर्जी के पास ₹1,556 करोड़ की नेट कैश पोजीशन थी, जो वित्तीय स्थिरता को दर्शाती है और भविष्य की ग्रोथ योजनाओं को समर्थन देती है.

मैनेजमेंट को ग्रोथ पर भरोसा

सुजलॉन ग्रुप के CEO जेपी चलसानी ने कहा कि 30 साल में सबसे ज्यादा डिलीवरी के बावजूद कंपनी की क्लोजिंग ऑर्डर बुक 6.4 गीगावॉट रही, जो तिमाही की शुरुआत से भी ज्यादा है. उन्होंने बताया कि यह सुजलॉन के सॉल्यूशंस की मजबूत मांग और बेहतर एग्जीक्यूशन क्षमताओं को दिखाता है. उन्होंने यह भी कहा कि 25 गीगावॉट से अधिक की प्रोजेक्ट डेवलपमेंट पाइपलाइन कंपनी की दीर्घकालिक ग्रोथ रणनीति को मजबूती दे रही है, जिससे रेवेन्यू विजिबिलिटी और प्रोजेक्ट कंट्रोल बेहतर होगा.

9 महीनों का प्रदर्शन भी रहा मजबूत

वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में सुजलॉन एनर्जी की कुल आय सालाना आधार पर 58 प्रतिशत बढ़कर ₹11,211 करोड़ हो गई. इसी अवधि में कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ 66 प्रतिशत रही और कुल डिलीवरी 1,625 मेगावॉट तक पहुंच गई.

नतीजों के बाद भी शेयर पर दबाव क्यों?

मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बावजूद सुजलॉन का शेयर अपने हालिया उच्च स्तर ₹84 से करीब 50 प्रतिशत नीचे आ चुका है. विश्लेषकों के मुताबिक, ऊंचे वैल्यूएशन, हालिया तेज रैली के बाद मुनाफावसूली और बाजार की व्यापक कमजोरी शेयर पर दबाव की वजह बन सकती है. फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹65.39 हजार करोड़ है.

 


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