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सन फार्मा ने ऑर्गेनॉन को 11.75 अरब डॉलर के सौदे में खरीदा

कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि इस सौदे के तहत सन फार्मा, ऑर्गेनॉन के सभी बकाया शेयर 14 डॉलर प्रति शेयर की दर से खरीदेगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

भारतीय दवा कंपनी सन फार्मा (Sun Pharmaceutical Industries) ने अमेरिका स्थित Organon & Co को 11.75 अरब डॉलर (कर्ज सहित) के ऑल-कैश सौदे में खरीदने पर सहमति जताई है. यह भारतीय फार्मा क्षेत्र की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय अधिग्रहणों में से एक माना जा रहा है.

कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि इस सौदे के तहत सन फार्मा, ऑर्गेनॉन के सभी बकाया शेयर 14 डॉलर प्रति शेयर की दर से खरीदेगी.

वैश्विक विस्तार को मिलेगा बढ़ावा

ऑर्गेनॉन को 2021 में मर्क से अलग किया गया था और यह कंपनी मुख्य रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य और बायोसिमिलर्स पर केंद्रित है. इसके पास 140 देशों में बिकने वाले 70 से अधिक उत्पादों का पोर्टफोलियो है, जिससे सन फार्मा को वैश्विक बाजारों में मजबूत विस्तार मिलेगा.

इस अधिग्रहण के बाद सन फार्मा, भारत की सबसे बड़ी दवा निर्माता कंपनी, दुनिया की शीर्ष 25 फार्मा कंपनियों में शामिल हो जाएगी. संयुक्त राजस्व लगभग 12.4 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है.

कंपनी नेतृत्व की प्रतिक्रिया

सन फार्मा के कार्यकारी अध्यक्ष दीलिप सांघवी ने कहा कि ऑर्गेनॉन का पोर्टफोलियो और वैश्विक पहुंच कंपनी के मौजूदा कारोबार के साथ पूरी तरह मेल खाती है. वहीं, प्रबंध निदेशक कीर्ति गनोर्कर ने इसे कंपनी के वैश्विक विस्तार, विशेष रूप से अमेरिका जैसे प्रमुख बाजार में मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया.

रणनीति और भविष्य की योजना

यह सौदा सन फार्मा की नवोन्मेषी दवाओं (innovative medicines) के व्यवसाय को मजबूत करने की रणनीति के अनुरूप है. फिलहाल यह सेगमेंट कंपनी की कुल बिक्री का लगभग 20% योगदान देता है, जो अधिग्रहण के बाद बढ़कर लगभग 27% होने की उम्मीद है.

ऑर्गेनॉन की उपस्थिति अमेरिका, यूरोप, चीन, कनाडा और ब्राजील जैसे बड़े बाजारों में है और इसके पास यूरोपियन यूनियन व उभरते बाजारों में छह उत्पादन इकाइयाँ भी हैं.

ऑर्गेनॉन की कार्यकारी अध्यक्ष Carrie Cox ने कहा कि बोर्ड ने कई रणनीतिक विकल्पों की समीक्षा के बाद पाया कि यह ऑल-कैश सौदा शेयरधारकों के लिए तत्काल और आकर्षक मूल्य प्रदान करता है.

भारतीय फार्मा सेक्टर की वैश्विक महत्वाकांक्षा

यह अधिग्रहण इस बात का संकेत है कि भारतीय फार्मा कंपनियां अब वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति, नवाचार और विकसित बाजारों तक पहुंच को बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठा रही हैं.
 


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