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महंगाई के मौसम में रावण के भी बढ़े भाव, पुतले बनाने की लागत में जबरदस्त इजाफा
महंगाई का असर दशहरे पर भी पड़ा है. पिछले सालों के मुकाबले रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले बनाना काफी महंगा हो गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
महंगाई ने त्योहारों का रंग भी फीका कर दिया है. कोरोना महामारी के चलते वैसे ही लोग पिछले दो साल अच्छे से फेस्टिवल सेलिब्रेट नहीं कर पाए और इस बार महंगाई उनकी खुशी में बाधा बनी हुई है. इस महंगाई का असर आम आदमी से लेकर रावण और उसके परिवार तक पर पड़ा है. वो इस तरह कि इस साल रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले बनाने की लागत काफी बढ़ गई है. हिंदू धर्म में दशहरे का खास महत्व है. माना जाता है कि इस दिन भगवान राम ने रावण का अंत किया था. इस मौके पर जगह-जगह रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले जलाए जाते हैं.
दोगुनी हुई लागत
आयोजकों का कहना है कि पहले की अपेक्षा इस साल सबकुछ महंगा हो गया है. फिर चाहे वह रामलीला का मंचन हो या रावण दहन. हालांकि, उनका यह भी कहना है कि महंगाई भले ही बढ़ी है, लेकिन धार्मिक कार्यक्रम तो करने ही हैं. आगरा से जुड़े आयोजकों के अनुसार, पहले जो पुतले 50 हजार में तैयार हो जाया करते थे, उन पर अब एक लाख के आसपास खर्च हो रहा है. यानी लागत दोगुनी हो गई है.
हर पुतले के दाम बढ़े
रामलीला कमेटी जुड़े लोगों ने बताया कि रावण का पुतला बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री 40 से 60 फ़ीसदी महंगी हो गई है. 25 फीट का जो रावण पहले 25 से 27 हजार रुपए के बीच तैयार हो जाया करता था. अब उसके लिए 40 से 45 हजार रुपए लग रहे हैं. इसी तरह, 8000 में तैयार होने वाले 12 फीट लंबे पुतले की कीमत आज 15000 तक पहुंच गई है. आगरा किला के सामने रामलीला मैदान में इस बार रावण 110 फीट, मेघनाथ 90 फीट और कुंभकरण 35 फीट ऊंचा बनाया जा रहा है. इस काम को जफर अली की टीम अंजाम दे रही है.
मजदूरी में भी इजाफा
जफर अली ने बताया कि पुतले बनाने में 1 से 2 महीने लगते हैं. पहले कामगारों को प्रतिदिन 300 रोज मजदूरी मिलती थी, जो अब बढ़कर 500 रुपए हो गई है. इसके अलावा, कई अन्य खर्चों में भी बढ़ोत्तरी हुई है. इस लिहाज से पिछले सालों के मुकाबले इस बार रावण दहन काफी महंगा हो गया है. वहीं, आगरा निवासी मूर्तिकार मोहित कुमार ने बताया कि महंगाई काफी बढ़ी है, लेकिन लोग उसके अनुरूप पैसा देने में आनाकानी करती हैं. पिछले सालों में 10 फीट का पुतला 5000 में भी बना देते थे, मगर इस बार यह संभव नहीं. कागज कारोबारी पंकज गोयल का कहना है कि पेपर-पन्नी से लेकर पुतलों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली हर चीज़ महंगी हो गई है. 2019 से अब तक हर चीज की कीमत में 40 से 60 फीसदी इजाफा हुआ है. जब कच्चा माल महंगा होगा, तो जाहिर है सबकुछ महंगा हो जाएगा.
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