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शेयर बाजार में 2 दिन से जारी बढ़त थमी, सेंसेक्स-निफ्टी जोरदार गिरावट के साथ बंद
गुरुवार के कारोबार में निफ्टी 24,200 के स्तर से नीचे बंद हुआ है. वहीं सेंसेक्स में 800 अंक से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है,
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
2 दिनों की बंपर तेजी के बाद आज बाजार में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है. सेंसेक्स और निफ्टी 1-1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट पर कारोबार की क्लोजिंग दे पाए हैं. निफ्टी आईटी जो बाजार को संभालने का काम कर रहा था वहां भी बाजार बंद होते-होते गिरावट आ गई. सेंसेक्स 80 हजार के नीचे ही बंद हुआ है. बीएसई सेंसेक्स 836.34 अंक या 1.04 फीसदी की गिरावट के साथ 79,541 पर बंद हुआ है यानी कल की सारी बढ़त गंवाकर आज गिरावट के दायरे में फिसल गया है. एनएसई का निफ्टी 284.70 अंक या 1.16 फीसदी की गिरावट के साथ 24,199.35 पर बंद हुआ है, यानी 24200 के नीचे ही बंद हुआ है.
सेंसेक्स और BSE में गिरने-चढ़ने वाले शेयर
सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें दो, SBI और TCS ही ग्रीन जोन में बंद हुए हैं. वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा और जेएसडब्ल्यू स्टील में रही. वहीं बीएसई पर आज 4053 शेयरों की ट्रेडिंग हुई. इसमें 1821 शेयर मजबूत हुए तो 2134 में गिरावट रही जबकि 98 में कोई बदलाव नहीं हुआ. इसके अलावा 248 शेयर एक साल के हाई और 15 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए. वहीं 8 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 1 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए.
निवेशकों की दौलत में 4.13 लाख करोड़ रुपये की गिरावट
एक कारोबारी दिन पहले यानी 6 नवंबर 2024 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप 4,52,58,633.53 करोड़ रुपये था. आज यानी 7 नवंबर 2024 को इक्विटी मार्केट का कारोबार बंद होने पर यह 4,48,45,460.30 करोड़ रुपये पर आ गया. इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी 4,13,173.23 करोड़ रुपये घट गई है.
क्या रही बाजार में गिरावट की वजह?
बाजार में आज की गिरावट के पीछे कई वजहें रहीं है. इसमें सबसे अहम वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पॉलिसी समीक्षा है. दरअसल अमेरिका के अगले राष्ट्रपति ट्रंप होंगे और वो जनवरी से अपना पद संभालेंगे. निवेशक देखना चाहते हैं कि बदली परिस्थितियों में फेड क्या रुख अपनाता है क्योंकि इससे आगे की पॉलिसी को लेकर भी संकेत मिलेंगे. बाजार इस समीक्षा में चौथाई फीसदी की कटौती का अनुमान लेकर चल रहा है. इसके अलावा एफआईआई की बिकवाली, कमजोर नतीजे का बाजार पर दबाव देखने को मिला है.
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