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शेयर बाजार में आज भी गिरावट का खतरा, गिफ्ट निफ्टी 22,700 के नीचे; क्रूड 110 डॉलर पार
बुधवार को सेंसेक्स 143.21 अंक यानी 0.19 फीसदी गिरकर 73,709.69 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 77.60 अंक यानी 0.34 फीसदी टूटकर 22,811.35 पर आ गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 22 अक्टूबर को कारोबार की शुरुआत कमजोर रहने की आशंका है. ग्लोबल बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच GIFT Nifty करीब 50 अंक गिरकर 22,690 के आसपास पहुंच गया, जो 22,700 के अहम स्तर से नीचे है. बुधवार को घरेलू बाजार लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए थे. ऐसे में गुरुवार को बाजार में लगातार तीसरे दिन कमजोरी देखने को मिल सकती है. सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के कारण भी कारोबार में उतार-चढ़ाव रहने की आशंका है.
पिछले कारोबारी सत्र में कैसा रहा बाजार?
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन कारोबार के दौरान मुनाफावसूली हावी हो गई. सेंसेक्स 143.21 अंक यानी 0.19 फीसदी गिरकर 73,709.69 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 77.60 अंक यानी 0.34 फीसदी टूटकर 22,811.35 पर आ गया. कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 1,400 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखी गई, जबकि निफ्टी 22,700 के नीचे तक फिसल गया था.
बाजार में बिकवाली के कारण BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 6.13 लाख करोड़ रुपये घटकर 461.80 लाख करोड़ रुपये रह गया. सोमवार को बाजार बंद होने के बाद यह 467.93 लाख करोड़ रुपये था.
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो IT शेयरों को छोड़कर ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में बंद हुए. ऑटो, मेटल और बैंकिंग शेयरों में दबाव रहा. निफ्टी के 34 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि बजाज फाइनेंस करीब 3.2 फीसदी टूटकर प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहा. दूसरी ओर, इंफोसिस, HCL टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा और TCS जैसे IT शेयरों में 2-3 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई. IT शेयरों की मजबूती के बावजूद दूसरे सेक्टरों में बिकवाली ने प्रमुख इंडेक्स पर दबाव बनाए रखा.
क्रूड ऑयल 110 डॉलर के पार, बॉन्ड यील्ड भी बढ़ी
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंताओं में शामिल हैं. ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, जबकि WTI क्रूड करीब 98 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहने से भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है. इसके अलावा कंपनियों की लागत, मुनाफे और रुपये की चाल भी प्रभावित हो सकती है.
भारत के 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 7.43 फीसदी तक पहुंच गई है, जो 2023 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है. बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से कंपनियों की उधारी की लागत बढ़ सकती है और शेयरों के मूल्यांकन पर भी असर पड़ सकता है.
एशियाई बाजारों से भी कमजोर संकेत मिले हैं. शुरुआती कारोबार में जापान का निक्केई 225 करीब 0.30 फीसदी नीचे था, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी एक फीसदी से ज्यादा गिरा. महंगे तेल और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं.
निफ्टी के लिए 22,800 का स्तर अहम
टेक्निकल विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,800 का स्तर महत्वपूर्ण रहेगा. बुधवार को आखिरी आधे घंटे में आई रिकवरी के कारण इंडेक्स इस स्तर के ऊपर बंद होने में सफल रहा था. अब इस स्तर को बनाए रखना बाजार के लिए अहम होगा. ऊपर की ओर 23,000 के आसपास निफ्टी को प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है, जहां बिकवाली बढ़ने की आशंका है.
बैंक निफ्टी के लिए 54,500 से 55,500 की रेंज महत्वपूर्ण मानी जा रही है. विश्लेषकों के मुताबिक, लगातार 56,000 के ऊपर बंद होने पर ही इसमें तेजी की मजबूती का संकेत मिल सकता है. बाजार की आगे की दिशा कच्चे तेल की कीमतों, बॉन्ड यील्ड, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कंपनियों के सितंबर तिमाही के नतीजों पर निर्भर करेगी.
जियो प्लेटफॉर्म्स IPO को पहले दिन अच्छा रिस्पॉन्स
बाजार में कमजोरी के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को पहले दिन निवेशकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इश्यू कुल 2.8 गुना सब्सक्राइब हुआ. क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की कैटेगरी 8.4 गुना और गैर-संस्थागत निवेशकों की कैटेगरी 1.4 गुना सब्सक्राइब हुई. रिटेल निवेशकों की कैटेगरी में करीब 60 फीसदी सब्सक्रिप्शन मिला, जबकि कर्मचारियों की कैटेगरी 1.2 गुना और पात्र शेयरधारकों की कैटेगरी 1.3 गुना भरी. गुरुवार को IPO का दूसरा दिन है और निवेशकों की नजर सब्सक्रिप्शन के नए आंकड़ों पर रहेगी.
आज इन शेयरों पर रहेगी नजर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, गुरुवार को Eternal (जोमैटो), महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज, NHPC, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), टाटा कम्युनिकेशंस, ओला इलेक्ट्रिक, KEI इंडस्ट्रीज और PC ज्वेलर के शेयर चर्चा में रह सकते हैं. Eternal का सितंबर तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 92 फीसदी बढ़कर 125 करोड़ रुपये हो गया, जबकि परिचालन से राजस्व 78 फीसदी बढ़कर 24,138 करोड़ रुपये पहुंच गया. महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज का स्टैंडअलोन मुनाफा 54.8 फीसदी बढ़कर 881.5 करोड़ रुपये और शुद्ध ब्याज आय 13.2 फीसदी बढ़कर 2,391.4 करोड़ रुपये रही. NHPC ने सुबनसिरी लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की 250 मेगावॉट क्षमता वाली पांचवीं यूनिट का व्यावसायिक संचालन शुरू किया है. BEL को 13 अक्टूबर के बाद से 1,011 करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऑर्डर मिले हैं. टाटा कम्युनिकेशंस की स्पेन स्थित सहायक कंपनी को अदालत से राहत मिली है. अदालत ने 1.55 करोड़ यूरो की वैट मांग और 1.81 करोड़ यूरो का जुर्माना रद्द कर दिया है. ओला इलेक्ट्रिक का राइट्स इश्यू 22 अक्टूबर से खुल रहा है. कंपनी 27 रुपये प्रति शेयर की दर से करीब 999.54 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है.
KEI इंडस्ट्रीज का सितंबर तिमाही में राजस्व सालाना आधार पर 38.5 फीसदी बढ़कर 3,776 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 28.7 फीसदी बढ़कर 262 करोड़ रुपये रहा. हालांकि, कंपनी का एबिटा और मुनाफा बाजार के अनुमानों से कम रहा. PC ज्वेलर का शुद्ध मुनाफा 58 फीसदी बढ़कर 331.1 करोड़ रुपये और राजस्व 27.8 फीसदी बढ़कर 1,054.5 करोड़ रुपये पहुंच गया. इसके अलावा HD फायर प्रोटेक्ट में एलियांज ग्लोबल इन्वेस्टर्स की ओर से 55.73 करोड़ रुपये की शेयर खरीदारी हुई है.
आज इन कंपनियों के आएंगे तिमाही नतीजे
गुरुवार को स्विगी, कोलगेट-पामोलिव इंडिया, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस, अडानी टोटल गैस, ब्लूस्टोन ज्वेलरी एंड लाइफस्टाइल, चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण, साएजिलिटी, हैवेल्स इंडिया और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन समेत कई कंपनियां सितंबर तिमाही के नतीजे जारी करेंगी. इनके अलावा जम्मू एंड कश्मीर बैंक, जिंदल स्टेनलेस, निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट, नुवोको विस्टास कॉर्पोरेशन, रैलिस इंडिया, सैफायर फूड्स इंडिया और टाटा टेलीसर्विसेज (महाराष्ट्र) के नतीजों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी.
कुल मिलाकर, गुरुवार को बाजार की दिशा ग्लोबल संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के नतीजों से तय हो सकती है. निवेशकों के लिए निफ्टी का 22,800 का स्तर अहम रहेगा, जबकि 23,000 के आसपास तेजी को प्रतिरोध मिल सकता है. ऐसे माहौल में बाजार में उतार-चढ़ाव और चुनिंदा शेयरों में हलचल बने रहने की आशंका है.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)
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