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HDFC बैंक में गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोप में दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ जांच
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंक की व्यावसायिक रणनीतियों और बाजार को प्रभावित करने वाली संवेदनशील जानकारी बाहरी लोगों के साथ साझा करने का आरोप
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
एचडीएफसी (HDFC) बैंक ने दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ गोपनीय व्यावसायिक रणनीतियों और बाजार को प्रभावित करने वाली संभावित संवेदनशील जानकारी बाहरी लोगों के साथ साझा करने के आरोपों की आंतरिक जांच शुरू की है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैंक के प्रमुख कारोबार और कार्यों की जिम्मेदारी संभालने वाले इन अधिकारियों ने बाहरी पक्षों के साथ संवेदनशील जानकारी साझा की थी. हालांकि, दोनों अधिकारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, बैंक के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने संभावित सूचना लीक को लेकर चिंता जताई थी, जिसके बाद यह जांच शुरू की गई. HDFC बैंक अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि साझा की गई जानकारी का बाद में किसी ने गलत इस्तेमाल तो नहीं किया. जांच अभी जारी है.
HDFC बैंक ने आंतरिक समीक्षा जारी होने की पुष्टि की है, लेकिन जांच में सामने आए कथित निष्कर्षों या संबंधित अधिकारियों के बारे में टिप्पणी नहीं की है. बैंक ने कहा है कि वह मामले से जुड़े तथ्यों का आकलन कर रहा है और समीक्षा पूरी होने के बाद उचित कार्रवाई करेगा.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल की शुरुआत में जांच के निष्कर्ष बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन और बोर्ड के कुछ सदस्यों के सामने रखे गए थे. दोनों अधिकारियों को भी इन निष्कर्षों के बारे में औपचारिक रूप से सूचित कर दिया गया है. हालांकि, उनके खिलाफ किसी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है.
HDFC बैंक में नेतृत्व स्तर पर भी बदलाव
यह जांच ऐसे समय में सामने आई है, जब HDFC बैंक के शीर्ष नेतृत्व में बड़े बदलाव हो रहे हैं. ICICI समूह के अनुभवी अधिकारी अनूप बागची 27 अक्टूबर को बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का पद संभालने वाले हैं.
मौजूदा CEO शशिधर जगदीशन छह साल तक इस पद पर रहने के बाद पद छोड़ रहे हैं. उन्होंने अपने कार्यकाल को आगे बढ़ाने के लिए दूसरे कार्यकाल की मांग नहीं करने का फैसला किया है. बैंक के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले अधिकारियों में शामिल डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा ने भी दिसंबर के अंत में पद छोड़ने की इच्छा जताई है.
इस साल की शुरुआत में तत्कालीन चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने भी इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने अपने व्यक्तिगत मूल्यों और बैंक की कुछ कार्यप्रणालियों के बीच मतभेदों का हवाला दिया था. इसके बाद HDFC बैंक की ओर से कराई गई स्वतंत्र कानूनी समीक्षा में पाया गया कि उनकी चिंताओं की पुष्टि नहीं हुई.
बाजार में बैंक की स्थिति पर भी नजर
ये घटनाक्रम भारत के बाजार पूंजीकरण के लिहाज से सबसे बड़े बैंक के लिए महत्वपूर्ण समय पर सामने आए हैं. HDFC बैंक का बाजार पूंजीकरण लगभग 115 अरब डॉलर है. बैंक ने ऐतिहासिक रूप से अपने सतर्क प्रबंधन, मजबूत आंतरिक नियंत्रण और लगातार लाभप्रदता के आधार पर अपनी पहचान बनाई है. हालांकि, इस साल अब तक बैंक के शेयरों में लगभग 28% की गिरावट आई है.
1994 में भारत के वित्तीय क्षेत्र में निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बाद स्थापित HDFC बैंक आज देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों में शामिल है. अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए भी यह बैंक एक प्रमुख निवेश विकल्प रहा है, जो भारत के उपभोक्ता और ऋण बाजारों में निवेश करना चाहते हैं.
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