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बरकरार रह सकती है शेयर बाजार की तेजी, आज इन स्टॉक्स पर रखें नजर
बीते शुक्रवार को शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुए थे, आज भी उस तेजी के बरकरार रहने की उम्मीद है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
शेयर बाजार के लिए बीता शुक्रवार अच्छा रहा. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नीतिगत दरों में की गई बढ़ोत्तरी को बाजार ने पॉजिटिव सेंस में लिया और एकदम से छलांग लगा दी. इस दौरान बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में तेजी देखी गई. बीएसई का सेंसेक्स एक ही दिन में 1,016.96 अंक यानी 1.80 फीसदी ऊपर चढ़ गया. वहीं, NSE के निफ्टी में भी 276.25 अंकों का इजाफा देखा गया. आज भी बाजार के ग्रीन जोन में बने रहने की उम्मीद है. हालांकि, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली ने चिंता ज़रूर बढ़ा दी है. चलिए नज़र डालते हैं कुछ ऐसे शेयरों पर, जो आज ट्रेंड में रह सकते हैं.
ये स्टॉक दे सकते हैं मुनाफा
एक्सपर्ट्स का मानना है कि HCL Technologies Ltd के शेयर में तेजी का रुख रह सकता है. पिछले कारोबारी दिन इसमें 0.98% की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी और यह 932.10 रुपए पर ट्रेड कर रहा है. वहीं, मोमेंटम इंडिकेटर मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डिवर्जेंस (MACD) ने Infosys के साथ-साथ Apollo Micro Systems, Lupin, GPT Infraprojects और Restaurant Brands में तेजी के संकेत दिए हैं. इंसोफिस की बात करें, तो शुक्रवार को यह 1.08% की बढ़ोत्तरी के साथ 1,413.80 रुपए पर बंद हुआ. इसका 52-वीक का हाई लेवल 1,953.90 रुपए है. इस लिहाज से देखने तो इसमें निवेश की संभावनाएं दिखाई दे रही हैं.
इन शेयरों में नरमी का संकेत
Apollo Micro Systems Ltd का शेयर इस समय 179.60 रुपए पर ट्रेड कर रहा है. बीते कारोबारी दिन इसमें 0.31% की तेजी दर्ज की गई. इसका 52-वीक का हाई लेवल 190.90 रुपए है. पिछले पांच दिनों में इसने 12.71% की वृद्धि दर्ज की है. लिहाजा एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह तेजी आज भी बरकरार रह सकती है. वहीं, Asian Paints, PVP Ventures और Tourism Finance के शेयरों में नरमी देखने को मिल सकती है.
जारी रहेगा उतार-चढ़ाव का दौर?
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने सितंबर में भारतीय शेयर बाजार से 7600 करोड़ रुपए की निकासी की है. जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में भी एफपीआई की गतिविधियों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला कायम रहने की संभावना है. इसके लिए वह वैश्विक कारकों के अलावा घरेलू कारणों को भी जिम्मेदार माना है. वैसे एफपीआई ने सितंबर की शुरुआत सकारात्मक अंदाज में की थी, लेकिन बाद में रुपए की कीमत में आई गिरावट और अमेरिका में फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ने जैसे कारणों से विदेशी निवेशकों ने बिकवाली तेज कर दी.
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