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ऐसे ही नहीं खिल रही है निवेशकों के चेहरे की मुस्कान, FPI का है इसमें बड़ा योगदान

शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की खरीदारी में इजाफा हुआ है. नवंबर में उन्होंने बाजार में अच्छा-खासा पैसा लगाया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

शेयर बाजार (Stock Market) के इस समय 'अच्छे दिन' चल रहे हैं. मार्केट नए रिकॉर्ड बना रहा है और निवेशकों के चेहरे की मुस्कान बढ़ती जा रही है. बाजार की इस चाल में घरेलू कारणों के साथ-साथ विदेशी निवेशकों की खरीदारी भी अहम योगदान दे रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 2 महीनों तक शुद्ध बिकवाल रहने के बाद विदेशी निवेशकों (FPI) ने नवंबर में भारतीय मार्केट में जमकर खरीदारी की है. इस दौरान, उन्होंने करीब 9000 करोड़ रुपए का निवेश किया. वहीं, डिपॉजिटरी के आंकड़े बताते हैं कि FPI ने पिछले महीने डेट मार्केट में 14860 करोड़ का शुद्ध निवेश किया था, जो छह साल का उच्चतम स्तर है. 

अब तक किया इतना निवेश 
नवंबर में एफपीआई ने भारतीय स्टॉक मार्केट में कुल 9000 करोड़ रुपए का निवेश किया. जबकि इसके पहले अक्टूबर में उन्होंने 24548 करोड़ और सितंबर में 14767 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की थी. इससे थोड़ा और पहले जाएं, तो मार्च से अगस्त तक FPI लगातार भारतीय बाजार में खरीदारी की और साल के पहले छह महीनों में 1.74 लाख करोड़ रुपए का निवेश कर डाला. अब सवाल ये उठता है कि आखिर विदेशी निवेशकों का इंडियन स्टॉक मार्केट में एकदम से आकर्षण कैसे बढ़ गया है?

ये है खरीदारी की वजह
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि भारतीय शेयर बाजार में एफपीआई के फिर से उत्पन्न हुए आकर्षण की वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है. इसके अलावा, IPOs का लगातार अच्छा प्रदर्शन भी उन्हें मार्केट की तरफ खींच रहा है. हाल ही में इरडा और टाटा टेक्नोलॉजीज के आईपीओ ने भी शानदार प्रदर्शन किया है. इनकी लिस्टिंग भी धमाकेदार रही है. बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल के लिए अब तक कुल मिलाकर रुझान अच्छा देखने को मिला है. इस कैलेंडर वर्ष में अब तक FPIs ने 1.15 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है.

बाजार के लिए शुभ संकेत
विदेशी निबेशकों का भारतीय बाजार में फिर से खरीदारी करना हमारे लिए शुभ संकेत है. भारतीय स्टॉक मार्केट का इतिहास बताता है कि विदेशी निवेशक जब भी बाजार पर मेहरबान होते हैं, उसकी चाल बढ़ जाती है. इसके उलट जब वो पैसा निकालते हैं, तो मार्केट गिरने लगता है. FPIs का लिवाल बनना दर्शाता है कि आगे भी बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि तमाम घरेलू कारण भी हैं, जो बाजार को मजबूती दे रहे हैं. ये मजबूती भी विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर रही है. वो ज्यादा बेहतर रिटर्न के लिए यहां निवेश कर रहे हैं.


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