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स्टील एक्सचेंज इंडिया ने जुटाए ₹75 करोड़, रणनीतिक विस्तार और कर्ज घटाने की दिशा में बड़ा कदम

₹75 करोड़ की यह शुरुआती फंडिंग SEIL की बैलेंस शीट को मजबूत करने और भविष्य के विस्तार की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है. मजबूत निवेशक भागीदारी और बेहतर कच्चे माल की पहुंच से कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और बढ़ने की उम्मीद है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

स्टील सेक्टर की कंपनी स्टील एक्सचेंज इंडिया (Steel Exchange India- SEIL) ने अपने प्रस्तावित ₹350 करोड़ फंडरेज के पहले चरण में ₹75 करोड़ जुटा लिए हैं. यह फंड कन्वर्टिबल वारंट्स के जरिए आया है, जिसका उद्देश्य कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत करना, कर्ज घटाना और सप्लाई चेन को बेहतर बनाना है.

₹350 करोड़ फंडरेज का पहला चरण पूरा

कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि यह ₹75 करोड़ की राशि प्रस्तावित ₹350 करोड़ के फंडरेज का पहला हिस्सा है. यह पूरा फंड जुटाव कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने और दीर्घकालिक विकास रणनीति को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है. बोर्ड ने इस इश्यू को 4 मार्च 2026 को मंजूरी दी थी.

IMR ग्रुप से मिला निवेश

इस फंडरेज में निवेश India Coke and Power और IMR Steel द्वारा किया गया है, जो IMR ग्रुप का हिस्सा हैं. यह समूह एक वैश्विक मेटल्स और माइनिंग कॉरपोरेशन है, जिसकी मौजूदगी कई देशों में है. इस निवेश से SEIL को कच्चे माल की सप्लाई और इंटरनेशनल सोर्सिंग नेटवर्क तक बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है.

कन्वर्टिबल वारंट्स का ढांचा

कंपनी के मुताबिक, यह पूरा फंड कन्वर्टिबल वारंट्स के जरिए जुटाया जा रहा है, जिन्हें 18 महीने के भीतर इक्विटी शेयरों में बदला जा सकेगा. कुल इश्यू साइज ₹350 करोड़ तक सीमित है, जिससे संकेत मिलता है कि आने वाले महीनों में और भी ट्रांच जारी हो सकते हैं.

फंड का इस्तेमाल कहां होगा

कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल कई अहम क्षेत्रों में करेगी:

1. ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए
2. कर्ज घटाने (Debt Reduction) के लिए
3. सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए
4. उत्पादन लागत कम करने के लिए जरूरी कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए

कच्चे माल की सप्लाई होगी मजबूत

इस फंडरेज से कंपनी को मेटलर्जिकल कोक, कोकिंग कोल, नॉन-कोकिंग कोल और फेरस स्क्रैप जैसे अहम कच्चे माल तक बेहतर पहुंच मिलेगी. ये सभी स्टील उत्पादन में लागत नियंत्रण और स्थिर सप्लाई के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

स्टील सेक्टर की मौजूदा स्थिति

यह फंडरेज ऐसे समय में आया है जब भारतीय स्टील कंपनियां अस्थिर कच्चे माल की कीमतों, वैश्विक व्यापार बदलावों और घरेलू मांग में बढ़ोतरी जैसे कारकों का सामना कर रही हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की बढ़ती मांग से लंबे स्टील उत्पादों की खपत भी बढ़ रही है.

कंपनी का बिजनेस प्रोफाइल

Steel Exchange India आंध्र प्रदेश में एक इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट संचालित करती है और “सिम्हाद्री TMT” ब्रांड के तहत टीएमटी बार्स बनाती है. कंपनी ने ट्रेडिंग बिजनेस से शुरुआत कर अब स्पंज आयरन, बिलेट्स, रोलिंग मिल्स और कैप्टिव पावर जेनरेशन तक अपना विस्तार किया है.

 


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