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झटकाः स्टार्टअप को होने वाली फंडिंग में आई 40 फीसदी की कमी, यह रही वजह

ऐसे में स्टार्टअप्स को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 680 करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

नई दिल्लीः भारत में खुल रहे या फिर खुल चुके स्टार्टअप्स की फंडिंग पर काफी बुरा असर देखने को मिल रहा है. रेटिंग एजेंसी पीडब्लूसी इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार स्टार्टअप्स को मिलने वाले फंड्स में 40 फीसदी की कमी केवल अप्रैल-जून की तिमाही में देखने को मिली है.

680 करोड़ डॉलर का नुकसान

ऐसे में स्टार्टअप्स को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 680 करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है. ज्यादातर स्टार्टअप्स जिनको डील्स में फंडिंग मिली है उनका औसत टिकट साइज 5 लाख डॉलर का था. रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां लगातार तीन तिमाही तक स्टार्टअप्स को 1000 करोड़ डॉलर की फंडिंग मिली, वो वित्त वर्ष की पहली तिमाही में चालीस फीसदी घट गई.

इन कारणों से कम मिली फंडिंग

ग्लोबल स्लोडाउन, टेक स्टॉक के वैल्यूएशन में कमी, महंगाई और यूक्रेन संकट के चलते मंडरा रहे खतरे की वजह से फंडिंग में कमी आई है. हालांकि इस दौरान केवल सॉफ्टवेयर और फिनटेक कंपनियों को ही सबसे ज्यादा फंडिंग मिली है. हालांकि इनकी डील पहले ही हो चुकी थी, इसलिए इन कंपनियों को फंड मिलने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई.

1.5 साल का करना होगा इंतजार

अमित नवका, पार्टनर - डील और इंडिया स्टार्टअप्स लीडर, पीडब्ल्यूसी इंडिया ने कहा कि, "हम उम्मीद करते हैं कि फंडिंग लैंडस्केप के स्थिर होने में कम से कम 12-18 महीने लगेंगे, जिसके दौरान स्टार्टअप्स के लिए अपने 'फंडिंग रनवे' को बढ़ाना फायदेमंद होगा.  कोई फर्क नहीं पड़ता कि स्टार्टअप किस चरण में है, वे कोर बिजनेस पर नजर रखने के लिए अच्छा करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि यूनिट इकोनॉमिक्स का पालन योजना के अनुसार सख्ती से हो.”

इन कंपनियों मिली 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा फंडिंग

एनसीआर में सात कंपनियों- डेल्हीवरी, स्टैशफिन, रारियो, ग्रे ऑरेंज रोबोटिक्स, एब्सोल्यूट फूड्स, फाशिनजा और फिजिक्सवाला ने 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक जुटाए. रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई में चार-चार कंपनियों ने 10 करोड़ डॉलर से अधिक जुटाए. इनमें अपग्रेड, जेप्टो, CoinDCX और Turtlemint शामिल हैं.

बेंगलुरु की सात कंपनियों को 100 मिलियन अमेरीकी डालर से अधिक की फंडिंग मिली जिसमें डेलीहंट, रैपिडो, लीडस्क्वेयर, लेंसकार्ट, सीआरईडी, एथर एनर्जी और ऑब्जर्व.एआई - प्रमुख तौर पर शामिल हैं.

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि बेंगलुरू, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और मुंबई भारत के प्रमुख स्टार्टअप शहर बने हुए हैं, साथ में 2022 की अप्रैल-जून तिमाही में कुल फंडिंग गतिविधि में लगभग 95 फीसदी का योगदान है, इसके बाद चेन्नई और पुणे का स्थान है.

 


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