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इस राज्य में दक्षिण तटीय रेलवे जोन को मिली मंजूरी, ट्रेड, रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा!
दक्षिण तटीय रेलवे जोन से क्षेत्रीय संपर्क में सुधार होगा, व्यापार और रोजगार में वृद्धि होगी, और लोगों को आधुनिक रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में दक्षिण तटीय रेलवे जोन (South Coastal Railway Zone) को मंजूरी दे दी है, जो देश का 18वां रेलवे जोन होगा. इस ऐतिहासिक कदम से न केवल आंध्र प्रदेश के विकास को गति मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय संपर्क में भी सुधार होगा. नए रेलवे डिवीजन और बेहतर सेवाओं से रोजगार के अवसर पैदा होंगे, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और समग्र विकास को एक नई दिशा मिलेगी. इस फैसले से आंध्र प्रदेश के लोग बेहतर और आधुनिक रेलवे सेवाओं का लाभ उठाएंगे, साथ ही विशाखापत्तनम को एक प्रमुख रेलवे केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. तो आइए जानते हैं रेलवे की क्या प्लानिंग है?
रेलवे सेवाओं में सुधार और क्षेत्रीय संपर्क में मजबूती
यह रेलवे जोन आंध्र प्रदेश के लिए एक बड़ा तोहफा साबित होगा. यह निर्णय आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत लिया गया है और यह संसद में किए गए वादे को पूरा करता है. साउथ कोस्ट रेलवे जोन के निर्माण से रेलवे सेवाओं में सुधार होगा और व्यापार, रोजगार तथा विकास को बढ़ावा मिलेगा. इसके तहत वाल्टेयर डिवीजन को छोटा कर अब विशाखापत्तनम रेलवे डिवीजन में शामिल किया गया है. यह रेलवे का 18वां जोन होगा, जिससे रेलवे का बुनियादी ढांचा और कार्यकुशलता बेहतर होगी.
आर्थिक विकास और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इस जोन के निर्माण से आंध्र प्रदेश के लोगों को बेहतर रेलवे सेवाएं मिलेंगी. नए रेलवे डिवीजन के कारण नौकरियों के अवसर उत्पन्न होंगे, व्यापार और उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्र का समग्र विकास होगा. विशाखापत्तनम को एक प्रमुख रेलवे केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे शहर का आर्थिक विकास होगा. इसके अतिरिक्त, रायगढ़ा डिवीजन के निर्माण से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच रेल संपर्क बेहतर होगा, जिससे यात्रियों के आवागमन में आसानी होगी और व्यापार तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. वहीं, इस निर्णय से देश में रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा और विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क में सुधार होगा.
भारतीय रेलवे में जोन और डिवीजन की संख्या
वर्तमान में भारतीय रेलवे में 17 जोन और 68 डिवीजन हैं. मध्य रेलवे (मुंबई, भुसावल, नागपुर, सोलापुर, पुणे); पूर्व रेलवे (आसनसोल, हावड़ा, सियालदह, मालदह); पूर्व मध्य रेलवे (सोनपुर, समस्तीपुर, दानापुर, धनबाद और मुगलसराय); पूर्वी तट रेलवे (खुर्दा रोड, संबलपुर, वाल्टेयर); उत्तर रेलवे (अंबाला, दिल्ली, लखनऊ, मोरादाबाद, फिरोजपुर); उत्तर मध्य रेलवे (प्रयागराज, आगरा, झांसी); पूर्वोत्तर रेलवे (लखनऊ, इज्जतनगर, वाराणसी); पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (अलीपुरद्वार, कटिहार, लमडिंग, रंगिया, तिनसुकिया); उत्तर पश्चिम रेलवे (अजमेर, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर); दक्षिण रेलवे (चेन्नई, मदुरै, पलक्कड़, तिरुचिरापल्ली, तिरुवनंतपुरम, सेलम); दक्षिण मध्य रेलवे (गुंटकल, गुंटूर, हैदराबाद, नांदेड़, सिकंदराबाद, विजयवाड़ा); दक्षिण पूर्व रेलवे (आद्रा, चक्रधरपुर, खड़गपुर, रांची); दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (रायपुर, नागपुर, बिलासपुर); दक्षिण पश्चिम रेलवे (बेंगलुरु, हुबली, मैसूरु); पश्चिम रेलवे (मुंबई, बड़ौदा, रतलाम, अहमदाबाद, राजकोट, भावनगर); पश्चिम मध्य रेलवे (भोपाल, जबलपुर, कोटा); और मेट्रो रेलवे कोलकाता। साउथ कोस्ट रेलवे जोन के बनने के बाद जोनों की संख्या 18 हो जाएगी.
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