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SME IPO के नियम अब हुए सख्त, SEBI ने नए रूल्स को दी मंजूरी, ये होगा बदलाव
SME IPO मार्केट में तेज एक्शन को देखते हुए कई चिंताएं उभरी जिसे देखते हुए SEBI ने नियमों की समीक्षा की है. इसमें इश्यू लाने वाले कंपनियों की आर्थिक स्थिति से जुड़े नियम भी शामिल हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
SEBI के निदेशक मंडल ने छोटी एवं मझोली कंपनियों (SME) के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने से संबंधित प्रक्रिया को सशक्त करने के लिए एक सख्त नियामकीय रूपरेखा को मंजूरी दी. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के निदेशक मंडल की यहां हुई बैठक में यह फैसला किया गया. सेबी ने एक बयान में इस बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी. बयान के मुताबिक, सेबी के निदेशक मंडल ने डिबेंचर ट्रस्टी, ईएसजी रेटिंग प्रदाताओं, इनविट्स, रीट्स और एसएम रीट्स के लिए कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के लिए सुधारों को भी मंजूरी दी.
1 करोड़ रुपये का ऑपरेशनल प्रॉफिट शो करना होगा
खबर के मुताबिक, SME IPO के संबंध में, सेबी ने कहा कि आईपीओ शुरू करने की योजना बना रहे एसएमई को अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल करते समय पिछले तीन वित्तीय वर्षों में से दो में कम से कम 1 करोड़ रुपये का ऑपरेशनल प्रॉफिट (ब्याज, मूल्यह्रास और कर से पहले की कमाई - ईबीआईटीडीए) शो करना होगा. सेबी के बोर्ड द्वारा अनुमोदित सुधारों का मकसद एसएमई को एक अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड और निवेशकों के हितों की रक्षा करते हुए जनता से धन जुटाने का अवसर प्रदान करना है.
सेबी ने SME बोर्ड पर अपनी निगरानी बढ़ा दी
SEBI के पूर्णकालिक सदस्य अश्विनी भाटिया ने एक दिन पहले ही कहा था कि SME की आईपीओ लिस्टिंग के दौरान अधिक उत्साह, कीमतों में हेराफेरी या धोखाधड़ी वाले कारोबारी तौर-तरीकों को रोकने की जरूरत है. भाटिया ने कहा था कि कुछ चिंताजनक पहलू सामने आने के बाद सेबी ने बीते दो सालों में एसएमई बोर्ड पर अपनी निगरानी बढ़ा दी है. इनमें ऐसी कंपनियां शामिल हैं जो तथ्यों को गलत ढंग से पेश करती हैं, जिससे खुदरा निवेशकों के लिए वास्तविक मूल्य और व्यवहार्यता का आकलन कर पाना मुश्किल हो जाता है.
म्यूचुअल फंड नियमों में संशोधन
सेबी ने हाल ही में म्यूचुअल फंड नियमों में संशोधन कर निवेश के नए उत्पाद पेश किये हैं. इसके तहत उच्च जोखिम लेने में सक्षम निवेशकों के लिए विशेषीकृत निवेश कोष के साथ सूचकांक और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड से संबंधित योजनाओं के अंतर्गत उदारीकृत ‘म्यूचुअल फंड लाइट’ रूपरेखा पेश की गयी है. सेबी ने कहा कि संबंधित संपत्ति प्रबंधन कंपनी (SMC) में नए उत्पाद की सभी निवेश रणनीतियों में प्रति निवेशक न्यूनतम 10 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है. इसमें मान्यता प्राप्त निवेशक शामिल नहीं हैं.
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