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सिंगटेल फिर घटाएगी Airtel में हिस्सेदारी, 10,300 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील की तैयारी

सिंगटेल की लगातार हिस्सेदारी बिक्री उसके निवेश पोर्टफोलियो को सरल और केंद्रित बनाने की दिशा में कदम है. वहीं, भारती एयरटेल अपने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, स्थिर कैश फ्लो और बढ़ते ARPU की बदौलत भारतीय दूरसंचार क्षेत्र में अग्रणी बनी हुई है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago

सिंगापुर की प्रमुख दूरसंचार कंपनी सिंगटेल (Singtel) अपनी निवेश रणनीति को पुनर्गठित करने के तहत भारती एयरटेल (Airtel) में अपनी हिस्सेदारी एक बार फिर घटाने जा रही है. कंपनी की सहायक इकाई पेस्टल लिमिटेड शुक्रवार को करीब 10,300 करोड़ रुपये तक के शेयर बड़े सौदे के जरिये बेचने की योजना बना रही है.

ब्लॉक डील की शर्तें और मूल्य निर्धारण

सौदे की शर्तों के अनुसार, प्रति शेयर न्यूनतम मूल्य 2,030 रुपये रखा गया है, जो गुरुवार को एयरटेल के बंद भाव 2,095 रुपये से करीब 3.1 प्रतिशत कम है. यह डील कुल 5 करोड़ शेयरों की होगी, जो एयरटेल की लगभग 0.8 प्रतिशत इक्विटी के बराबर है. जेपी मॉर्गन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड इस लेन-देन की एकमात्र बुकरनर है. इस साल अब तक एयरटेल के शेयरों में लगभग 32 प्रतिशत की तेजी आई है, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.

सिंगटेल का निवेश पुनर्गठन और पूंजी प्रबंधन

सिंगटेल की यह बिक्री उसके सक्रिय पूंजी प्रबंधन दृष्टिकोण का हिस्सा है. कंपनी ने कहा है कि वह अपने परिसंपत्ति पोर्टफोलियो को दुरुस्त करने और शेयरधारकों के प्रतिफल को स्थायी रूप से बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है. मई 2025 में भी पेस्टल लिमिटेड ने एयरटेल में 1.2 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब 1.54 अरब डॉलर (लगभग 12,800 करोड़ रुपये) में बेची थी. उस समय 7.1 करोड़ शेयर 1,814 रुपये प्रति शेयर की दर पर बेचे गए थे, जिससे सिंगटेल की हिस्सेदारी 29.5 प्रतिशत से घटकर 28.3 प्रतिशत रह गई थी.

लंबी साझेदारी बरकरार, पर हिस्सेदारी में कटौती जारी

हालांकि सिंगटेल अपनी हिस्सेदारी धीरे-धीरे घटा रही है, लेकिन उसने मई में यह दोहराया था कि वह एयरटेल में दीर्घकालिक रणनीतिक निवेशक बनी रहेगी. कंपनी दो दशकों से अधिक समय से एयरटेल की प्रमुख शेयरधारक है. सिंगटेल के समूह मुख्य वित्तीय अधिकारी आर्थर लैंग ने कहा था, “यह लेन-देन हमें एयरटेल के महत्वपूर्ण शेयरधारक बने रहते हुए आकर्षक मूल्यांकन पर मूल्य निर्धारण की अनुमति देता है.” सिंगटेल अब भारती एंटरप्राइजेज के साथ मिलकर अपनी प्रभावी हिस्सेदारी को संतुलित करने की दिशा में काम कर रही है.

एयरटेल में अन्य निवेशकों की हिस्सेदारी में भी हलचल

अगस्त 2025 में इंडियन कॉन्टिनेंट इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (ICIL), जो अरबपति सुनील भारती मित्तल से जुड़ी इकाई है, ने भी एयरटेल में लगभग 1 प्रतिशत हिस्सेदारी 11,227 करोड़ रुपये में बेची थी. इससे पहले फरवरी में ICIL ने 0.84 प्रतिशत हिस्सेदारी 8,485 करोड़ रुपये में बेची थी. इससे पहले सिंगटेल ने 2022 में खुले बाजार में 1.59 प्रतिशत हिस्सेदारी 7,261 करोड़ रुपये में और अगस्त में भारती टेलीकॉम को 3.3 प्रतिशत हिस्सेदारी 12,895 करोड़ रुपये में बेची थी.

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सिंगटेल की यह बिक्री पोर्टफोलियो विविधीकरण और पूंजी पुनर्गठन रणनीति के तहत है. एयरटेल के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और भारत-अफ्रीका बाजारों में स्थिर वृद्धि ने कंपनी को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाए रखा है. एयरटेल ने हाल ही में तिमाही नतीजों में 6 प्रतिशत की तिमाही-दर-तिमाही वृद्धि दर्ज की है और FY26 में कैपेक्स घटाने की योजना जताई है, जिससे नकदी प्रवाह और मजबूत होने की उम्मीद है. विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी आने वाले वर्षों में FY26-FY27 के दौरान 1 लाख करोड़ रुपये तक का फ्री कैश फ्लो उत्पन्न कर सकती है, जिससे एयरटेल की बाजार स्थिति और मजबूत होगी.
 


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