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मंथली एक्सपायरी पर बाजार की कमजोर शुरुआत के संकेत, गिफ्ट निफ्टी 95 अंक टूटा; आज इन शेयरों पर रहेगी नजर
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 482.92 अंक यानी 0.66 फीसदी चढ़कर 73,606.75 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 153.20 अंक यानी 0.68 फीसदी की बढ़त के साथ 22,753.20 पर पहुंच गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 hours ago
अक्टूबर सीरीज की मंथली एक्सपायरी के दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में दबाव देखने को मिल सकता है. गिफ्ट निफ्टी 95 अंक से ज्यादा टूटकर 22,700 के नीचे पहुंच गया है, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं. हालांकि, एशियाई बाजारों में तेजी और पिछले कारोबारी सत्र में घरेलू बाजार की बढ़त से निवेशकों को कुछ राहत मिल सकती है. कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले और पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों के बीच निवेशकों की नजर निफ्टी के अहम तकनीकी स्तरों पर रहेगी. इसके अलावा, मारुति सुजुकी, एलऐंडटी, बजाज ऑटो और टाटा स्टील समेत कई कंपनियों के तिमाही नतीजे और बीएलएस पॉलिमर्स का आईपीओ भी बाजार में चर्चा के केंद्र में रहेंगे.
पिछले सत्र में चार दिन की गिरावट पर लगा था ब्रेक
सोमवार, 26 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में तेजी के साथ लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया था. फार्मा, मेटल और ऑयल एंड गैस कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए थे.
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 482.92 अंक यानी 0.66 फीसदी चढ़कर 73,606.75 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 153.20 अंक यानी 0.68 फीसदी की बढ़त के साथ 22,753.20 पर पहुंच गया. बड़ी कंपनियों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा तेजी देखने को मिली. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.2 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.4 फीसदी चढ़कर बंद हुए थे. हालांकि, मंगलवार को मंथली एक्सपायरी और वैश्विक संकेतों के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.
बाजार की कमजोर शुरुआत के संकेत
मंगलवार को शुरुआती कारोबार से पहले गिफ्ट निफ्टी में 95 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,700 के नीचे फिसल गया. इससे संकेत मिल रहे हैं कि घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दबाव के साथ कारोबार की शुरुआत कर सकते हैं. हालांकि, बाजार की वास्तविक दिशा वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और निवेशकों की खरीद-बिक्री पर निर्भर करेगी. मंथली एक्सपायरी के कारण भी कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव बढ़ने की आशंका है.
एशियाई बाजारों में तेजी
भारतीय बाजार के लिए वैश्विक संकेत मिले-जुले हैं. एक ओर गिफ्ट निफ्टी कमजोरी का संकेत दे रहा है, वहीं दूसरी ओर एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है. टेक शेयरों में खरीदारी के बीच जापान का निक्केई करीब 2 फीसदी और दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 4.3 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहे हैं. हेंगसेंग और शंघाई कंपोजिट में भी हल्की मजबूती दर्ज की गई है. हालांकि, एशियाई बाजारों की तेजी के बावजूद घरेलू निवेशक कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों को लेकर सतर्क रह सकते हैं.
कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया का तनाव बढ़ा सकते हैं चिंता
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को सतर्क रुख बना रह सकता है. इसकी प्रमुख वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें हैं. अमेरिकी WTI क्रूड करीब 101 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमतों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है.
पश्चिम एशिया में तनाव और ईरान को लेकर चल रहे कूटनीतिक प्रयासों का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ सकता है. अमेरिका और इजरायल में होने वाले अहम मतदान से पहले क्षेत्रीय तनाव को कम करने की कोशिशें भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए महंगाई और कंपनियों की लागत के लिहाज से चिंता बढ़ा सकती है. ऐसे में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव शेयर बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकता है.
मंथली एक्सपायरी पर निफ्टी के लिए 22,500 का स्तर अहम
अक्टूबर सीरीज की मंथली एक्सपायरी के दिन निफ्टी के लिए 22,500 से 22,600 का दायरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार, तकनीकी नजरिये से निफ्टी ने 20 दिन के मूविंग एवरेज और 200 सप्ताह के मूविंग एवरेज का स्तर दोबारा हासिल किया है. अब बाजार के लिए इन स्तरों के ऊपर मजबूती बनाए रखना जरूरी होगा.
तकनीकी स्तरों के लिहाज से 22,800 के ऊपर निकलने पर निफ्टी में तेजी बढ़ सकती है और यह 22,900 से 23,000 तक पहुंच सकता है. इसके विपरीत, यदि सूचकांक लगातार 22,500 के नीचे बना रहता है, तो गिरावट बढ़ने की आशंका है और निफ्टी 22,400 से 22,200 के स्तर तक फिसल सकता है.
बैंक निफ्टी के चार्ट पर डबल बॉटम पैटर्न बनने की संभावना भी दिखाई दे रही है. हालांकि, इसकी पुष्टि के लिए बैंक निफ्टी का 55,000 के ऊपर मजबूती से बंद होना जरूरी है. विशेषज्ञ के मुताबिक, यदि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रहती है और निफ्टी 22,500 के ऊपर बना रहता है, तो शुरुआती कमजोरी के बाद बाजार में सुधार देखने को मिल सकता है.
आज खुलेगा बीएलएस पॉलिमर्स का 255 करोड़ रुपये का आईपीओ
प्राथमिक बाजार में भी मंगलवार को निवेशकों की नजर रहेगी. बीएलएस पॉलिमर्स का 255 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) 27 अक्टूबर को खुलने वाला है. एसबीआई सिक्योरिटीज ने कंपनी की मुनाफे की संभावनाओं और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना को देखते हुए लंबी अवधि के नजरिये से निवेश पर विचार करने की सलाह दी है. आईपीओ में निवेश करने वाले निवेशकों की नजर कंपनी की कारोबारी संभावनाओं और निर्गम से जुड़ी शर्तों पर रहेगी.
इन शेयरों पर रखें नजर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मंगलवार, 27 अक्टूबर को मारुति सुजुकी, लार्सन ऐंड टुब्रो (L&T), बजाज ऑटो, टाटा स्टील, सिप्ला और वारी एनर्जीज समेत कई कंपनियों के सितंबर तिमाही के नतीजे जारी होंगे, जिससे इन शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है. वहीं, पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस का मुनाफा करीब 11 गुना बढ़कर 226 करोड़ रुपये और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का मुनाफा 15.7 फीसदी बढ़कर 470.1 करोड़ रुपये रहा. नजारा टेक्नोलॉजीज घाटे से उबरकर मुनाफे में आ गई, जबकि सोना बीएलडब्ल्यू प्रिसिजन फोर्जिंग्स का मुनाफा 29.3 फीसदी बढ़ा. दूसरी ओर, सरकारी कंपनी आरईसी का मुनाफा 21.2 फीसदी घटकर 3,477.7 करोड़ रुपये रह गया और डालमिया भारत को 205 करोड़ रुपये का घाटा हुआ. इसके अलावा केफिन टेक्नोलॉजीज, मैनकाइंड फार्मा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सुमितोमो केमिकल इंडिया और एक्वस के शेयर भी तिमाही नतीजों के चलते चर्चा में रहेंगे. कारोबारी घटनाक्रमों में सिग्मा एडवांस्ड सिस्टम्स को 973 करोड़ रुपये का रक्षा उपकरण आपूर्ति ऑर्डर मिला है, एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने रोबोटिक डॉट एआई का अधिग्रहण पूरा किया है और जीनस पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर्स ने 312 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 148.2 करोड़ रुपये तक के शेयर बायबैक को मंजूरी दी है. वहीं, हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को एनएचएआई से 91.78 करोड़ रुपये का ठेका मिला है और रेमंड रियल्टी ने अपनी सहायक कंपनी में 210 करोड़ रुपये तक के निवेश के लिए समझौता किया है.
निवेशकों की नजर किन संकेतों पर रहेगी?
मंगलवार को बाजार की दिशा तय करने में गिफ्ट निफ्टी, कच्चे तेल की कीमतों, एशियाई बाजारों की चाल और अमेरिकी फेडरल रिजर्व से जुड़े संकेतों की अहम भूमिका रहेगी. इसके साथ ही निफ्टी के 22,500 से 22,600 के समर्थन क्षेत्र और 22,800 के प्रतिरोध स्तर पर निवेशकों की नजर रहेगी. मंथली एक्सपायरी के दिन तिमाही नतीजों और कंपनियों से जुड़ी खबरों के कारण शेयर-विशेष में उतार-चढ़ाव संभव है. ऐसे में निवेशकों के लिए बाजार के संकेतों और कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)
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