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शेयर बाजार में आज सतर्क शुरुआत के संकेत, शुक्रवार को सेंसेक्स गिरा तो निफ्टी चढ़ा; इन शेयरों पर रहेगी नजर
शुक्रवार को निफ्टी 75.80 अंक चढ़कर 23,346.40 पर बंद हुआ था, जबकि सेंसेक्स 19.63 अंक की मामूली गिरावट के साथ 74,294.96 पर रहा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार को कारोबार की शुरुआत सतर्क रह सकती है. बाजार खुलने से पहले गिफ्ट निफ्टी हल्की गिरावट में कारोबार कर रहा है, जबकि एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं. हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी घरेलू बाजार के लिए राहत का संकेत दे रही है. इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, विदेशी निवेशकों की गतिविधि और रुपये की चाल पर भी निवेशकों की नजर रहेगी.
इससे पहले शुक्रवार, 18 सितंबर को घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार रहा था. कारोबार की शुरुआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स में 300 अंकों से अधिक की तेजी देखी गई, लेकिन बाद में यह बढ़त काफी हद तक खत्म हो गई. कारोबारी सत्र के अंत में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 19.63 अंक यानी 0.03 फीसदी की गिरावट के साथ 74,294.96 पर बंद हुआ. वहीं, 50 शेयरों वाला नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 75.80 अंक यानी 0.33 फीसदी की बढ़त के साथ 23,346.40 पर पहुंच गया.
शुक्रवार को इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा हलचल
सेंसेक्स के शेयरों में अडानी पोर्ट्स 4.93 फीसदी की बढ़त के साथ टॉप गेनर रहा. इसके अलावा अडानी एंटरप्राइजेज में 3.31 फीसदी, भारती एयरटेल में 3.12 फीसदी, एचडीएफसी बैंक में 2.52 फीसदी और बजाज फाइनेंस में 2.49 फीसदी की तेजी रही. दूसरी ओर, टीसीएस में 4.33 फीसदी की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई. टाइटन 2.11 फीसदी, एसबीआई लाइफ 2.03 फीसदी, एशियन पेंट्स 2 फीसदी और मारुति करीब 1.98 फीसदी नीचे रहे.
शुक्रवार के कारोबार से आज के बाजार को क्या संकेत?
शुक्रवार को वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और घरेलू शेयरों में निचले स्तर पर खरीदारी से भारतीय बाजार को कुछ सहारा मिला. कच्चे तेल की कीमतों में ऊंचे स्तर से आई नरमी भी बाजार के लिए राहत लेकर आई. हालांकि, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, डॉलर की मजबूती और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता अब भी बाजार के लिए अहम कारक हैं.
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और घरेलू शेयरों में निचले स्तर पर हुई खरीदारी से शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स को पिछले नुकसान की भरपाई में मदद मिली. उन्होंने यह भी कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से राहत मिली है, लेकिन एफआईआई की निकासी और डॉलर का ऊंचा स्तर निगरानी योग्य कारक बने हुए हैं.
सोमवार को गिफ्ट निफ्टी से क्या संकेत?
सोमवार सुबह गिफ्ट निफ्टी करीब 23 अंक यानी 0.10 फीसदी की गिरावट के साथ 23,400 के नीचे कारोबार कर रहा था. इससे घरेलू बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान सतर्कता के संकेत मिल रहे हैं. हालांकि, बाजार खुलने तक गिफ्ट निफ्टी की दिशा बदल सकती है.
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
सोमवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है. दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 0.85 फीसदी ऊपर था, जबकि कोस्डैक में 0.43 फीसदी की बढ़त थी. दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 करीब 0.49 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा था. जापान का शेयर बाजार सोमवार को अवकाश के कारण बंद है.
शुक्रवार को एशियाई बाजारों में भी तेजी रही थी. निक्केई 225 में 1.41 फीसदी, हैंग सेंग में 0.53 फीसदी, कोस्पी में 2.59 फीसदी और ताइवान के सूचकांक में 1.89 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई थी.
अमेरिकी बाजार से कैसे संकेत?
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भी मिला-जुला कारोबार रहा. डाउ जोंस 95.40 अंक यानी 0.18 फीसदी गिरकर 51,682.64 पर बंद हुआ. वहीं एसएंडपी 500 में 0.17 फीसदी और नैस्डैक में 0.39 फीसदी की बढ़त रही.
सोमवार सुबह अमेरिकी शेयर बाजार के वायदा सौदों में हालांकि मजबूती दिखाई दे रही थी. एसएंडपी 500 वायदा करीब 0.23 फीसदी, नैस्डैक-100 वायदा 0.27 फीसदी और डाउ वायदा करीब 0.25 फीसदी ऊपर था.
कच्चे तेल में नरमी से बाजार को राहत
भारतीय बाजार के लिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट फिलहाल राहत का संकेत है. सोमवार सुबह ब्रेंट क्रूड करीब 2.10 फीसदी गिरकर 101.69 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. अमेरिकी क्रूड भी करीब 1.93 फीसदी की गिरावट के साथ 98.36 डॉलर प्रति बैरल पर था.
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है. ऐसे में तेल की कीमतों में नरमी से आयात बिल और महंगाई के दबाव को कुछ राहत मिल सकती है. हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बाजार के लिए अहम जोखिम बना हुआ है.
एफआईआई और डीआईआई की खरीदारी
18 सितंबर को विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशक दोनों खरीदार रहे. एफआईआई ने नकद बाजार में 599.54 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी डीआईआई ने 1,019.69 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. हालांकि, सितंबर में अब तक एफपीआई का रुख अलग रहा है. महीने में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारतीय शेयर बाजार से 20,974 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं. ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, महंगा कच्चा तेल और रुपये में कमजोरी जैसे कारक विदेशी निवेश के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं.
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और रुपये पर भी नजर
अमेरिका की 10 साल की सरकारी बॉन्ड यील्ड 5 फीसदी के आसपास बनी हुई है. ऊंची अमेरिकी यील्ड से उभरते बाजारों में विदेशी पूंजी के प्रवाह पर असर पड़ सकता है. ऐसे में भारतीय बाजार में एफआईआई की गतिविधि पर नजर रहेगी. वहीं, शुक्रवार को रुपया शुरुआती बढ़त गंवाकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.89 के स्तर पर बंद हुआ था. सोमवार सुबह डॉलर इंडेक्स करीब 100.24 के आसपास था. रुपये की चाल भी बाजार के लिए एक अहम संकेतक रहेगी.
आज किन शेयरों पर रहेगी नजर?
शेयर बाजार में आज यानी 21 सितंबर को कई कंपनियों के शेयर कारोबारी अपडेट और कॉरपोरेट खबरों के कारण फोकस में रह सकते हैं. रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) को ईस्ट कोस्ट रेलवे से 404.88 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है, जबकि मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने आंध्र प्रदेश में शिपबिल्डिंग क्लस्टर विकसित करने के लिए अगले 5 से 7 साल में करीब 15,000 करोड़ रुपये निवेश की योजना बनाई है. एफएमसीजी कंपनी इमामी के बोर्ड ने करीब 282 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक को मंजूरी दी है. वेलस्पन एंटरप्राइजेज की इकाई को अहमदाबाद नगर निगम से कुल 351.24 करोड़ रुपये के दो प्रोजेक्ट मिले हैं, वहीं रेफेक्स इंडस्ट्रीज को 160 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट और नॉलेज मरीन एंड इंजीनियरिंग वर्क्स को 279.33 करोड़ रुपये का 15 साल का ग्रीन टग कॉन्ट्रैक्ट मिला है. अपोलो पाइप्स Mazzini Tiles के अधिग्रहण के जरिए सिरेमिक टाइल कारोबार में उतरने की तैयारी में है. इसके अलावा कल्याण ज्वेलर्स ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी Candere Lifestyle Jewellery में राइट्स इश्यू के जरिए 350 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जबकि कोफोर्ज ने कंपनियों के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खर्च से मिलने वाले कारोबारी नतीजों को मापने के लिए नया ढांचा पेश किया है.
कुल मिलाकर, शुक्रवार की मजबूत निफ्टी क्लोजिंग के बाद सोमवार को घरेलू बाजार के लिए कच्चे तेल में नरमी सकारात्मक संकेत दे रही है, जबकि गिफ्ट निफ्टी की कमजोरी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों का रुख बाजार की चाल के लिए महत्वपूर्ण रहेगा.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)
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