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FDI में जबरदस्त उछाल: FY 2024-25 में 6.91 लाख करोड़ रुपये का विदेशी निवेश
वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारत में FDI प्रवाह ने मजबूत वृद्धि दिखाई है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था में विदेशी निवेशकों का भरोसा बना हुआ है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत में कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 14 प्रतिशत बढ़कर 81.04 अरब डॉलर (करीब 6.91 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया. यह पिछले तीन वर्षों का सबसे ऊंचा स्तर है. बीते वित्त वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा 71.3 अरब डॉलर था. कुल एफडीआई में इक्विटी निवेश, दोबारा निवेश की गई आय और अन्य पूंजी शामिल होती है.
जनवरी-मार्च तिमाही में FDI में गिरावट
हालांकि, साल 2024-25 की जनवरी-मार्च तिमाही में एफडीआई प्रवाह 24.5% घटकर 9.34 अरब डॉलर रह गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 12.38 अरब डॉलर था. यह गिरावट वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते आई है. अक्टूबर-दिसंबर 2023-24 में भी एफडीआई में 5.6% की गिरावट दर्ज की गई थी.
सिंगापुर बना सबसे बड़ा निवेशक
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार देश में सबसे ज्यादा एफडीआई सिंगापुर से आया, जिसका निवेश 14.94 अरब डॉलर रहा. इसके बाद मॉरीशस (8.34 अरब डॉलर) और अमेरिका (5.45 अरब डॉलर) प्रमुख स्रोत रहे. अन्य निवेशक देशों में नीदरलैंड (4.62 अरब डॉलर), यूएई (3.12 अरब डॉलर) और जापान (2.47 अरब डॉलर) शामिल हैं. हालांकि, नीदरलैंड, जापान, ब्रिटेन और जर्मनी से निवेश में गिरावट देखी गई है.
किस सेक्टर को मिला सबसे ज्यादा निवेश?
सेवा क्षेत्र ने एफडीआई के मामले में बाजी मारी, जिसमें 9.34 अरब डॉलर का निवेश आया, जो पिछले साल 6.64 अरब डॉलर था. इसके अलावा, व्यापार, दूरसंचार, वाहन निर्माण, निर्माण विकास, गैर-पारंपरिक ऊर्जा और रसायन क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ा. वहीं कंप्यूटर सॉफ्टवेयर-हार्डवेयर, दवा और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में एफडीआई में गिरावट दर्ज की गई.
महाराष्ट्र बना निवेश का सबसे बड़ा गढ़
राज्यवार आंकड़ों में महाराष्ट्र को सबसे अधिक 19.6 अरब डॉलर का निवेश मिला, जो कुल इक्विटी एफडीआई का 39% है. इसके बाद कर्नाटक (6.61 अरब डॉलर), दिल्ली (6 अरब डॉलर), गुजरात (5.7 अरब डॉलर), तमिलनाडु, हरियाणा और तेलंगाना शीर्ष पर रहे.
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