होम / बिजनेस / Sify Technologies का Q1 राजस्व 14% बढ़ा, भारी निवेश के चलते घाटा ₹389 करोड़ तक पहुँचा
Sify Technologies का Q1 राजस्व 14% बढ़ा, भारी निवेश के चलते घाटा ₹389 करोड़ तक पहुँचा
Sify टेक्नोलॉजीज ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में राजस्व में 14% की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो कंपनी की मजबूत मांग और डिजिटल सेवाओं के विस्तार को दर्शाता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
सिफी टेक्नोलॉजीज (Sify) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में शानदार 14 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि दर्ज की है, लेकिन भारी निवेश और लागतों के चलते कंपनी को ₹389 मिलियन (₹38.9 करोड़) का शुद्ध घाटा हुआ है. नेटवर्क, डेटा सेंटर और डिजिटल सेवाओं की मजबूत मांग के बावजूद, बढ़ती डिप्रिसिएशन, ब्याज व्यय और मानव संसाधन लागतों ने कंपनी की कमाई पर दबाव डाला है.
कंपनी का समेकित राजस्व तिमाही के दौरान बढ़कर ₹10,723 मिलियन हो गया, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में ₹9,408 मिलियन था. ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय (EBITDA) 18 प्रतिशत बढ़कर ₹2,111 मिलियन पहुंच गई.
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जारी
सिफी ने तिमाही के दौरान ₹2,874 मिलियन का पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) किया, जिसमें कंपनी ने अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करते हुए 8.6 मेगावॉट अतिरिक्त डेटा सेंटर क्षमता चालू की और अपने नेटवर्क कवरेज को 1,159 फाइबर नोड्स तक पहुंचाया, जो पिछले वर्ष से 10 प्रतिशत अधिक है.
कंपनी के चेयरमैन राजू वेगेसना ने कहा, “भारत आईटी ट्रांसफॉर्मेशन की एक नई पीढ़ी में प्रवेश कर रहा है. देश अब केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपभोक्ता नहीं रहेगा, बल्कि AI टूल्स और डोमेन-स्पेसिफिक समाधान बनाने वाला अग्रणी बन जाएगा.”
उन्होंने आगे कहा, “सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में तकनीक, क्लाउड अपनाने और ऑटोमेशन में जो तेजी से निवेश हो रहा है, वह अभूतपूर्व है. भारत न केवल एक ग्रोथ मार्केट रहेगा, बल्कि यह विकास का इंजन भी बनेगा.”
घाटे के बावजूद रणनीति पर कायम
सिफी के ग्रुप सीएफओ एम. पी. विजय कुमार ने बताया कि मूल्यह्रास और ब्याज लागतों में बढ़ोतरी इस तिमाही के घाटे के प्रमुख कारण हैं. हालांकि, उन्होंने इसे “भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं के निर्माण की दिशा में एक सोचा-समझा समझौता” बताया.
उन्होंने कहा, “हमारी वित्तीय रणनीतियाँ लचीलापन और अनुकूलता को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं, जिससे हम बदलते बाजार परिदृश्यों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें.” तिमाही के अंत में कंपनी के पास ₹3,861 मिलियन की नकद राशि थी.
सेवा क्षेत्रों और प्रमुख सौदों का प्रदर्शन
तिमाही के दौरान नेटवर्क सेवाओं से कुल राजस्व का 41 प्रतिशत, डेटा सेंटर सेवाओं से 37 प्रतिशत और डिजिटल सेवाओं से 22 प्रतिशत योगदान मिला.
कंपनी को इस दौरान कई प्रमुख अनुबंध भी मिले:
- एक वैश्विक आईटी लीडर से नेशनल लॉन्ग-डिस्टेंस नेटवर्क पर डेडिकेटेड कैपेसिटी के लिए समझौता.
- दुनिया की सबसे बड़ी स्पिरिट्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी से हाई-रेडंडेंसी नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अनुबंध.
- डेटा सेंटर कारोबार में एक विदेशी बहुराष्ट्रीय आईटी एप्लिकेशन कंपनी और एक बीमा संयुक्त उद्यम के साथ माइग्रेशन व डिजास्टर रिकवरी सेवाओं के सौदे.
- डिजिटल सेवाओं के तहत, एक फाइनेंशियल सर्विसेज ग्रुप और एक हेल्थकेयर कंसल्टेंसी से ग्रीनफील्ड क्लाउड प्लेटफॉर्म के लिए अनुबंध मिले.
सरकारी पहल से बढ़ी उम्मीदें
कंपनी ने कहा कि डिजिटल इंडिया, इंडिया एआई मिशन, हाइपरस्केल डेटा सेंटर्स के लिए रेगुलेटरी स्पष्टता और 5G जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रम ICT इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाताओं के लिए "अवसरों का आदर्श तूफान" पैदा कर रहे हैं.
हालांकि, सिफी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका EBITDA, जो एक गैर-IFRS मापदंड है, अन्य कंपनियों द्वारा प्रयुक्त समान मापदंडों से तुलना योग्य नहीं हो सकता क्योंकि इसकी गणना की विधि अलग है.
टैग्स