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सोने की कीमत में गिरावट से झटका, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर से नीचे फिसला
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट का सबसे बड़ा असर भारत के गोल्ड रिजर्व पर पड़ा. इस दौरान सोने के भंडार की वैल्यू में 13.495 अरब डॉलर की बड़ी कमी आई,
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतों में आई तेज गिरावट का सीधा असर देश के कुल फॉरेक्स रिजर्व पर पड़ा है. हालांकि विदेशी मुद्रा आस्तियों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन गोल्ड रिजर्व में भारी कमी ने कुल भंडार को 700 अरब डॉलर के नीचे पहुंचा दिया है.
तीसरे सप्ताह भी जारी रही गिरावट
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 20 मार्च 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 11.413 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई. इससे पहले भी लगातार दो हफ्तों तक भंडार में कमी देखी गई थी.
इस गिरावट के बाद देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 698.346 अरब डॉलर रह गया है. गौरतलब है कि फरवरी 2026 के अंत में यह 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था.
एफसीए में बढ़ोतरी से मिला आंशिक सहारा
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा आस्तियों यानी एफसीए में 2.127 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई. अब यह बढ़कर 557.695 अरब डॉलर हो गया है. एफसीए विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होता है, जिसमें यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में उतार-चढ़ाव का भी असर शामिल होता है. इसके बावजूद कुल भंडार में गिरावट को रोका नहीं जा सका.
गोल्ड रिजर्व में भारी गिरावट बना मुख्य कारण
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट का सबसे बड़ा असर भारत के गोल्ड रिजर्व पर पड़ा. इस दौरान सोने के भंडार की वैल्यू में 13.495 अरब डॉलर की बड़ी कमी आई, जिसके बाद यह घटकर 117.186 अरब डॉलर रह गया. वर्तमान में भारत के पास 880 टन से अधिक सोना मौजूद है, जो कुल विदेशी मुद्रा भंडार का लगभग 15 प्रतिशत है.
सोने की कीमतों में गिरावट सीधे कुल फॉरेक्स रिजर्व को प्रभावित करती है, और इस बार भी यही देखने को मिला.
एसडीआर में मामूली कमी, IMF रिजर्व बढ़ा
रिपोर्ट के अनुसार, विशेष आहरण अधिकार यानी एसडीआर में 65 मिलियन डॉलर की हल्की कमी दर्ज की गई, जिससे यह 18.632 अरब डॉलर पर आ गया. वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी International Monetary Fund के पास रखे भारत के रिजर्व में 19 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है, जो अब 4.833 अरब डॉलर हो गया है.
लगातार गिरता विदेशी मुद्रा भंडार यह संकेत देता है कि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव, खासकर सोने की कीमतों में बदलाव, भारत की आर्थिक स्थिति पर असर डाल रहे हैं. आने वाले हफ्तों में सोने और अन्य वैश्विक संपत्तियों की कीमतों की दिशा तय करेगी कि विदेशी मुद्रा भंडार में स्थिरता लौटती है या गिरावट का सिलसिला जारी रहता है.
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