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न्यूक्लियर सेक्टर में एंट्री से अडानी पावर में चमक, रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा शेयर
अडानी समूह ने ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए परमाणु ऊर्जा में एंट्री की है. कंपनी ने ‘कोस्टल-महा एटॉमिक एनर्जी’ नाम से नई सहायक कंपनी बनाई है, जो न्यूक्लियर पावर के उत्पादन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन पर काम करेगी
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
पावर सेक्टर में इन दिनों जबरदस्त हलचल है और इस दौड़ में गैतम अडानी की कंपनी अडानी पावर (Adani Power) ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. कंपनी की न्यूक्लियर एनर्जी में एंट्री और बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग में संभावित उछाल ने इसके शेयर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है. निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और खरीदारी तेज हो गई है.
शेयर ने बनाया नया रिकॉर्ड
सप्ताह की शुरुआत में अडानी पावर के शेयर में जोरदार तेजी देखने को मिली. सोमरा को खबर लिखे जाने तक कंपनी का स्टॉक 2.51 प्रतिशत की तेजी के साथ 203.49 रुपये पर कारोबार कर रहा था. वहीं, एक कारोबार के दौरान शेयर एक समय पर 3 प्रतिशत की तेजी के साथ 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया. पिछले एक महीने में शेयर करीब 35% और एक हफ्ते में लगभग 13% तक उछल चुका है, जो बाजार में इसकी मजबूत पकड़ को दर्शाता है.
न्यूक्लियर एनर्जी में ‘बड़ा दांव’
अडानी समूह ने ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए परमाणु ऊर्जा में एंट्री की है. कंपनी ने ‘कोस्टल-महा एटॉमिक एनर्जी’ नाम से नई सहायक कंपनी बनाई है, जो न्यूक्लियर पावर के उत्पादन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन पर काम करेगी. यह कदम कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें साफ और टिकाऊ ऊर्जा स्रोतों पर फोकस बढ़ाया जा रहा है. इस घोषणा ने निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया है.
गर्मी बढ़ाएगी बिजली की मांग
आने वाले महीनों में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है, जिससे बिजली की खपत में तेज बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. हाल के मौसम बदलाव के बाद अब तापमान तेजी से बढ़ने का अनुमान है. गर्मी बढ़ने के साथ एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य उपकरणों के इस्तेमाल में वृद्धि होगी, जिसका सीधा फायदा पावर कंपनियों को मिलेगा.
एल नीनो और डिमांड का कनेक्शन
विशेषज्ञों के अनुसार, ‘एल नीनो’ वाले वर्षों में बिजली की मांग सामान्य से अधिक बढ़ती है. पहले भी ऐसे समय में पीक पावर डिमांड में 5% से 9% तक की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है. इस बार भी इसी तरह के हालात बनने की संभावना है, जिससे पावर सेक्टर की कंपनियों के लिए कमाई के नए अवसर पैदा होंगे.
किन कंपनियों को होगा फायदा
सूखे जैसे हालात में हाइड्रो पावर उत्पादन घट सकता है, जिससे कोयला आधारित बिजली संयंत्रों पर निर्भरता बढ़ेगी. इसका सीधा लाभ अडानी पावर और NTPC जैसी कंपनियों को मिल सकता है. बिजली की बढ़ती मांग के कारण कीमतें भी ऊंची रह सकती हैं, जिससे कंपनियों के मुनाफे और मार्जिन में सुधार होगा.
बाजार में मौजूदा तेजी यह संकेत देती है कि पावर सेक्टर, खासकर अडानी पावर, आने वाले समय में मजबूत प्रदर्शन कर सकता है. हालांकि, विशेषज्ञ निवेश से पहले सावधानी और सलाह लेने की सलाह देते हैं.
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