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मिडिल ईस्ट तनाव के बीच तेल की कीमतों में जोरदार उछाल, ग्लोबल सप्लाई पर बढ़ा खतरा
मिडिल ईस्ट से सप्लाई अनिश्चित होने के कारण रिफाइनर अब दूसरे स्रोतों की ओर रुख कर रहे हैं. खासतौर पर अमेरिका के गल्फ कोस्ट और यूके के नॉर्थ सी से तेल खरीदने की होड़ बढ़ गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और शिपिंग बाधाओं के चलते वैश्विक तेल बाजार में हलचल तेज हो गई है. अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी टकराव ने सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला है. सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रही. ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 1.6 प्रतिशत बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड भी बढ़त के साथ 112 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा. पिछले हफ्ते भी तेल बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी.
ट्रंप के बयान से बढ़ी चिंता
यह तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोला गया तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों को निशाना बना सकता है. इस बयान के बाद बाजार में सप्लाई बाधित होने का डर और गहरा गया.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे अहम तेल सप्लाई मार्गों में से एक है, जहां से इराक, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और यूएई से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल गुजरता है. फरवरी के अंत से जारी संघर्ष के कारण इस रूट पर शिपिंग बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे वैश्विक सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है.
वैकल्पिक सप्लाई की तलाश तेज
मिडिल ईस्ट से सप्लाई अनिश्चित होने के कारण रिफाइनर अब दूसरे स्रोतों की ओर रुख कर रहे हैं. खासतौर पर अमेरिका के गल्फ कोस्ट और यूके के नॉर्थ सी से तेल खरीदने की होड़ बढ़ गई है. बाजार में खरीदार आक्रामक बोली लगा रहे हैं, जिससे कीमतों में और तेजी आ रही है.
हालांकि हालात पूरी तरह ठप नहीं हुए हैं. हाल के दिनों में कुछ जहाजों ने होरमुज जलडमरूमध्य पार किया है, जिसमें ओमान, फ्रांस और जापान से जुड़े जहाज शामिल हैं. यह संकेत देता है कि ईरान कुछ ‘दोस्त’ देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति दे रहा है.
तनाव कम होने के आसार नहीं
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार कर दिया है और सीजफायर की कोशिशें भी फिलहाल ठप पड़ी हैं. इससे साफ है कि आने वाले दिनों में तेल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.
OPEC+ का सीमित उत्पादन बढ़ोतरी फैसला
इस बीच OPEC+ ने मई महीने के लिए उत्पादन में मामूली बढ़ोतरी का ऐलान किया है. हालांकि यह बढ़ोतरी इतनी बड़ी नहीं मानी जा रही कि सप्लाई संकट को पूरी तरह संतुलित कर सके. विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव बना रहेगा, तब तक कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी रहेगी. सप्लाई से जुड़ी हर खबर बाजार की दिशा तय करेगी और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है.
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