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ऐसा क्या हुआ कि SBI पर भड़के शार्क टैंक इंडिया जज? कहा- बैंक नहीं स्वीकार रहा अपनी समस्या
शार्क टैंक जज और पीपल ग्रुप के सीईओ अनुपम मित्तल ने UPI से जुड़ी समस्याएं सामने आई जिसकी शिकायत लेकर वो भारतीय स्टेट बैंक के पहुंचे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
शार्क टैंक में जज बनने के बाद से अनुपम मित्तल को काफी शौहरत मिली है. वो सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहते हैं. हाल ही में पीपल ग्रुप के सीईओ ने यूनाइटेड पेमेंट इंटरफेस (UPI) से संबंधित शिकायत भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से की है. एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में, मित्तल ने कहा कि 20 जुलाई से व्यापारियों को विशेष रूप से एसबीआई से जुड़े यूपीआई भुगतान के लिए यूपीआई लिमिट से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
अनुपम मित्तल ने X पर एक बड़ा सा पोस्ट लिखरकर अपनी शिकायत दर्ज की. जिसमें उन्होंने लिखा कि डिजिटल भुगतान को फिर से परिभाषित करने के लिए @UPI_NPCI को बधाई. 20 जुलाई से व्यापारियों को @TheOfficialSBI UPI के लिए आपके बैंक द्वारा निर्धारित UPI सीमा जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है. उन्होंने आगे RBI की तारीफ करते हुए लिखा कि दूसरी बैंकों के साथ ऐसा नहीं हो रहा है. @TheOfficialSBI में कोई भी इस समस्या को स्वीकार करने वाला नहीं है, इससे निपटना तो दूर की बात है. यह न केवल UPI में विश्वास को कम करता है, बल्कि TXNS और SBI शेयर की मात्रा को देखते हुए सीधे विकास को प्रभावित करता है.
SBI ने भी पोस्ट पर किया रिप्लाई
अनुपम मित्तल की इस पोस्ट पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का आधिकारिक जवाब भी आया. SBI ने बताया कि कृपया ध्यान दें कि समस्या का समाधान हो गया है और सभी फंक्शन ठीक से काम कर रहे हैं. अगर कोई भी दिक्कत है तो आप वापस रिप्लाई कर सकते हैं. इसके साथ ही 15 अगस्त को भारतीय स्टेट बैंक ने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया था. SBI ने सभी अवधि के लोन पर ब्याज दरें 10 बेसिस प्वाइंट बढ़ा दिए हैं. ये बदलाव गुरुवार, 15 अगस्त 2024 से मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट्स यानी एमसीएलआर में किया है.
SBI ने बड़े बदलाव का किया है एलान
RBI ने UPI के लिए 2 बड़े बदलावों की घोषणा की इस महीने की शुरुआत में, RBI ने UPI प्रणाली में दो महत्वपूर्ण बदलावों का ऐलान किया है. केंद्रीय बैंक ने यूपीआई के माध्यम से टैक्स भुगतान के लिए लेनदेन की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये प्रति लेनदेन कर दी है. इस वृद्धि का उद्देश्य बड़े टैक्स भुगतान को डिजिटल रूप से करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है.
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