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आसमान में उड़ान भरने के लिए तैयार 'शंख', UP के इन दो शहरों में बनेगा केंद्र

SHANKH AIR को देश में परिचालन के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry Of Aviation) से मंजूरी मिल गई है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

अगर आप हवाई यात्रा करते हैं, तो ये खबर आपके काम की हो सकती है. देश में जल्द ही एक नई एयरलाइन शंख एयर (SHANKH AIR) आसमान में उड़ान भरने के लिए तैयार हो गई है. दरअसल, शंख एयर को देश में परिचालन के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry Of Aviation) से मंजूरी मिल गई है. मंत्रालय के अनुमोदन पत्र के अनुसार कंपनी को एफडीआई आदि के प्रासंगिक प्रावधान नियमों के साथ-साथ इस संबंध में अन्य लागू नियमों और विनियमों का पालन करने का निर्देश भी दिया गया है. हालांकि, आधिकारिक तौर पर उड़ान शुरू करने से पहले एयरलाइन को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से भी मंजूरी की जरूरत होगी. तो आइए जानते हैं शंख एयर का भारतीय एविएशन मार्केट में किससे मुकाबला होगा?

शंख एयर उत्तर प्रदेश की पहली एयरलाइन
शंख एयर उत्तर प्रदेश की पहली एयरलाइन होगी. इसका केंद्र लखनऊ और नोएडा में है. कंपनी की वेबसाइट के अनुसार एयरलाइन का लक्ष्य हाई डिमांड और सीमित सीधी उड़ान विकल्पों वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना है. इसके जरिए एयरलाइन का लक्ष्य राज्य के अलावा दूसरे राज्यों में कनेक्टिविटी को बढ़ाना है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंत्रालय द्वारा शंख एयर को संचालन के लिए दी गई एनओसी (NOC) तीन साल की अवधि के लिए वैध होगी.

भारतीय एविएशन मार्केट में अभी इंडिगो का है दबदबा
वर्तमान में भारत के एविएशन मार्केट में इंडिगो का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है, जो इसे देश की सबसे बड़ी एयरलाइन बनाता है. यह एयरलाइन लगातार अपना विस्तार कर रही है. इसके अलावा देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन एयर इंडिया भी तेजी से विस्तार कर रही है. एयरलाइन की योजना अगले साल तक विस्तारा को मर्ज करने की है, जो वर्तमान में टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस के सह-स्वामित्व में है. इसके अलावा, एयर इंडिया एयरएशिया इंडिया का अधिग्रहण कर रही है और इसे अपनी कम लागत वाली सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ विलय कर रही है, जिससे इसके बेड़े और बाजार में उपस्थिति बढ़ जाएगी. ऐसे में शंख एयर का इंडिगो और एयरइंडिया इन दोनों ही एयरलाइन्स से बड़ा मुकाबला होगा. 

छोटी एयरलाइन कंपनियों का वजूद हो रहा खत्म
हालांकि, छोटी एयरलाइन कंपनियां अब अपने विस्तार को समेटने पर फोकस कर रही हैं. उदाहरण के लिए गो एयरलाइंस इंडिया लिमिटेड ने पिछले साल मई में परिचालन बंद कर दिया था. वहीं, स्पाइसजेट बढ़ती वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है. स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी काफी कम हो रही है, जो जनवरी 2023 में 5.6 प्रतिशत से घटकर सिर्फ 2.3 प्रतिशत रह गई है. एयरलाइन के पास साल 2021 में 10.5 प्रतिशत की बड़ी बाजार हिस्सेदारी थी. ऐसे में शंख एयर के संचालन से एक बार फिर छोटी एयरलाइन्स कंपनियों को मजबूरी मिलेगी. 

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