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शैडोफैक्स को सेबी की मंजूरी, 2,500 करोड़ रुपये के आईपीओ की तैयारी

ई-कॉमर्स और हाइपरलोकल डिलीवरी सेक्टर में कंपनी का बढ़ता दबदबा, FY24 में घाटा 91 प्रतिशत घटा

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago

लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप शैडोफैक्स (Shadowfax) को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से अपने 2,500 करोड़ रुपये के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए मंजूरी मिल गई है. यह कदम भारत के टेक-लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में सबसे बहुप्रतीक्षित लिस्टिंग्स में से एक की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

पब्लिक इश्यू में नए इक्विटी शेयरों की फ्रेश इश्यू और मौजूदा निवेशकों — फ्लिपकार्ट, एट रोड्स वेंचर्स और एनजीपी कैपिटल — द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों शामिल होंगे. बेंगलुरु स्थित कंपनी आईपीओ के बाद लगभग 8,500 करोड़ रुपये के वैल्यूएशन को लक्षित कर रही है. यह इसके पिछले 5,981 करोड़ रुपये (712 मिलियन डॉलर) के मूल्यांकन से काफी अधिक है, जो फरवरी 2025 में मिराए एसेट और नोकिया ग्रोथ पार्टनर्स से 16.8 मिलियन डॉलर के निवेश के बाद तय हुआ था.

सेबी की यह मंजूरी शैडोफैक्स द्वारा लगभग तीन महीने पहले दाखिल किए गए गोपनीय ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के बाद मिली है.

2015 में हुई थी शुरुआत
शैडोफैक्स की स्थापना 2015 में अभिषेक बंसल, वैभव खंडेलवाल, प्रहर्ष चंद्रा और गौरव जैठलिया ने की थी. कंपनी आज भारत की अग्रणी लास्ट-माइल डिलीवरी सेवा प्रदाताओं में गिनी जाती है. इसका नेटवर्क 1.25 लाख से अधिक सक्रिय डिलीवरी पार्टनर्स से जुड़ा हुआ है, जो किराना, फूड और मेडिसिन डिलीवरी जैसे क्षेत्रों में काम करते हैं. यह भारत के तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स और हाइपरलोकल इकोसिस्टम का एक अहम हिस्सा बन चुकी है.

अब तक कंपनी ने करीब 246 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है. TheKredible के आंकड़ों के अनुसार, एट रोड्स वेंचर्स का इसमें सबसे बड़ा बाहरी हिस्सा है, जिसके बाद फ्लिपकार्ट, न्यूक्वेस्ट एशिया और नोकिया ग्रोथ पार्टनर्स का नाम आता है.

वित्तीय प्रदर्शन में सुधार
वित्त वर्ष 2023-24 (FY24) में शैडोफैक्स ने 33.2 प्रतिशत साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की, जिससे उसकी आय 1,885 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. वहीं, कंपनी ने अपने घाटे को 91 प्रतिशत घटाकर 11.8 करोड़ रुपये तक सीमित कर लिया, जो FY23 में 142 करोड़ रुपये था.

बेहतर वित्तीय प्रदर्शन कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट को दर्शाता है, जो इसके आगामी आईपीओ से पहले एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.

वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) के नतीजे अभी सामने नहीं आए हैं, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में लगातार वृद्धि और कंपनी की लागत नियंत्रण रणनीति इसके बाजार में और मजबूती ला सकती है.


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