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SFBs के उधार ₹2 लाख करोड़ के पार, गैर-माइक्रोफाइनेंस सेगमेंट में तेजी
छोटे वित्तीय बैंक (SFBs) इस वित्तीय वर्ष में मजबूत उधार वृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं, जिसमें कुल उधार लगभग ₹2 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 16-17% की वृद्धि दर्शाता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago
छोटे वित्तीय बैंक (SFBs) इस वित्तीय वर्ष में अपने कुल उधार को ₹2 लाख करोड़ के पार ले जाने की तैयारी में हैं, जो पिछले वर्ष की 13% की वृद्धि की तुलना में 16-17% की वृद्धि को दर्शाता है. इस बढ़ोतरी को गैर-माइक्रोफाइनेंस सेगमेंट के निरंतर विस्तार और माइक्रोफाइनेंस लोन बुक में धीरे-धीरे रिकवरी से समर्थन मिलेगा.
क्रिसिल रेटिंग्स की निदेशक अपर्णा किरुबाकरन के अनुसार, “इस वित्तीय वर्ष में गैर-माइक्रोफाइनेंस सेगमेंट में क्रेडिट ग्रोथ 23-25% रहने की उम्मीद है. जबकि कम ब्याज दरें किफायती हाउसिंग की मांग को बढ़ावा देंगी, MSME नीति प्रोत्साहन और वाहन लोन पर जीएसटी में हालिया कटौती से भी मदद मिलेगी. माइक्रोफाइनेंस की वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी 4-5% रहने की संभावना है, लेकिन यह पिछले वित्तीय वर्ष के ~14% के नुकसान से पुनरुद्धार है. इस वित्तीय वर्ष के अंत तक गैर-माइक्रोफाइनेंस उधार का हिस्सा लगभग 70% तक पहुंचने का अनुमान है.”
विभाजन और विविधता पर जोर
SFBs ने अपने उधार पोर्टफोलियो में विविधता बढ़ाई है. मार्च 2025 तक गैर-माइक्रोफाइनेंस उधार का हिस्सा 67% तक पहुंच गया था, जो मार्च 2022 में ~50% था. इस दौरान, सबसे बड़ी हिस्सेदारी मॉर्टगेज लोन (हाउसिंग लोन और लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी) की रही, जो पिछले तीन वर्षों में 38% की CAGR से बढ़ी. इसके बाद वाहन लोन और MSME लोन का क्रम रहा, जिनकी 3-वर्षीय CAGR क्रमशः 32% और 31% रही. पिछले तीन वर्षों में SFBs ने गोल्ड लोन, कृषि क्रेडिट, एफडी लोन और होलसेल फंडिंग में भी हिस्सेदारी बढ़ाई है.
जमा पूंजी और वितरण नेटवर्क
SFBs की जमा पूंजी पिछले वित्तीय वर्ष में 25% और FY2024 में 34% बढ़ी थी, जो उधार वृद्धि से काफी अधिक है. मार्च 2025 तक कुल जमा पूंजी में से ~91% हिस्सा था. इसमें CASA (करंट और सेविंग अकाउंट) और रिटेल टर्म डिपॉजिट प्रमुख रहे. ब्याज दरों में वृद्धि के कारण CASA में थोड़ा कमी और रिटेल टर्म डिपॉजिट में वृद्धि देखी गई.
भविष्य की राह और चुनौतियाँ
SFBs के लिए प्रमुख चुनौती यह होगी कि वे प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर जमा पूंजी जुटाकर अपने स्थिर और विविध लायबिलिटी फ्रेंचाइज़ को बनाए रखें. लंबे समय में, जब सुरक्षित संपत्ति वर्ग के लोन का हिस्सा बढ़ेगा, तब उन्हें स्थायी जमा और फंडिंग रणनीतियों को मजबूत करना होगा ताकि लाभप्रदता बनी रहे.
क्रिसिल रेटिंग्स के अनुसार, SFBs के पास इस वित्तीय वर्ष के लिए मजबूत पूंजी कुशन है, जो उनके विकास की संभावनाओं का समर्थन करता है. हालांकि, उनकी वृद्धि की निरंतरता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे जिम्मेदार ढंग से लायबिलिटी जुटाने और प्रबंधित करने की रणनीतियाँ अपनाते हैं या नहीं.
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