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सितंबर में धीमी पड़ी सर्विस सेक्टर की रफ्तार, PMI गिरकर 60.9 पर पहुंचा
सर्विस सेक्टर की लगातार 26 महीने की ग्रोथ और भविष्य को लेकर कंपनियों की सकारात्मक उम्मीदें यह बताती हैं कि अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत बनी हुई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
भारत के सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में सितंबर माह में भी विस्तार देखने को मिला, लेकिन इस बार वृद्धि की रफ्तार कुछ धीमी रही है. कमजोर अंतरराष्ट्रीय मांग के कारण HSBC इंडिया सर्विसेज PMI सितंबर में घटकर 60.9 पर आ गया, जो अगस्त में 62.9 था. हालांकि यह अब भी 50 के न्यूट्रल स्तर से काफी ऊपर है, जो स्पष्ट रूप से सेक्टर में विस्तार को दर्शाता है.
26वें महीने भी कायम रहा ग्रोथ का सिलसिला
HSBC इंडिया सर्विसेज PMI डेटा को S&P Global द्वारा संकलित किया जाता है. यह लगातार 26वां महीना है जब देश के सर्विस सेक्टर में वृद्धि दर्ज की गई है. इंडेक्स का 50 से ऊपर रहना सेक्टर में विस्तार का संकेत देता है, जबकि 50 से नीचे जाना संकुचन को दर्शाता है.
अंतरराष्ट्रीय मांग में सुस्ती, लेकिन भविष्य को लेकर उम्मीदें बरकरार
HSBC की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी के अनुसार, "सितंबर में सर्विस सेक्टर की व्यापार गतिविधियां अगस्त के उच्च स्तर से कुछ धीमी हुई हैं. अधिकांश ट्रैकर्स में हल्की गिरावट देखी गई है, लेकिन समग्र रूप से वृद्धि की गति स्थिर बनी हुई है." उन्होंने यह भी जोड़ा कि फ्यूचर एक्टिविटी इंडेक्स मार्च के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है, जो कि भविष्य को लेकर कंपनियों के सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है.
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी दिखी सुस्ती
सिर्फ सर्विस ही नहीं, भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर भी सितंबर में थोड़ी धीमी रफ्तार से आगे बढ़ा. मैन्युफैक्चरिंग PMI सितंबर में 57.7 पर रहा, जो अगस्त के 59.3 से कम है. यह स्तर मई के बाद मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सबसे धीमे सुधार को दर्शाता है. हालांकि, यह भी 50 से ऊपर बना रहा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सेक्टर में अब भी विस्तार जारी है.
हालांकि सितंबर में वैश्विक मांग की सुस्ती ने भारत के सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों की रफ्तार पर थोड़ा असर डाला है, लेकिन PMI इंडेक्स का 50 से ऊपर बने रहना आर्थिक गतिविधियों में मजबूती का संकेत देता है.
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