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सेंसेक्स 1,836 अंक टूटा, बाजार में ₹14 लाख करोड़ का नुकसान, रुपया ऑल-टाइम लो पर
शेयर बाजार की गिरावट के साथ ही रुपया भी दबाव में रहा. डॉलर के मुकाबले रुपया 0.3% टूटकर 93.9750 पर पहुंच गया. पिछले सत्र में यह 93.53 पर बंद हुआ था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
शेयर बाजार में आज भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 14 लाख करोड़ रुपये कम हो गया. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक अस्थिरता के चलते सेंसेक्स 1,836.57 अंक यानी 2.46% गिरकर 72,696.39 पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 601.85 अंक यानी 2.6% टूटकर 22,512.65 अंक पर आया. इस गिरावट ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी है और रुपया डॉलर के मुकाबले ऑल-टाइम लो पर पहुंच गया.
एशियाई बाजारों के दबाव का असर
आज का शेयर बाजार क्रैश मुख्य रूप से एशियाई बाजारों में गिरावट और वैश्विक तनाव का नतीजा है. अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ते तनाव ने एशियाई बाजारों को झकझोर दिया. साउथ कोरिया का स्टॉक मार्केट खुलते ही करीब 6% गिर गया, जबकि जापान के बाजार में भी 4% से अधिक की कमजोरी रही. इस असर ने सीधे भारतीय बाजार को भी प्रभावित किया.
रुपया ऑल-टाइम लो पर
शेयर बाजार की गिरावट के साथ ही रुपया भी दबाव में रहा. डॉलर के मुकाबले रुपया 0.3% टूटकर 93.9750 पर पहुंच गया. पिछले सत्र में यह 93.53 पर बंद हुआ था. विशेषज्ञों के मुताबिक, विदेशी निवेश की निकासी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने रुपये पर अतिरिक्त दबाव डाला है.
सबसे ज्यादा प्रभावित शेयर
आज सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 27 गिरावट के साथ बंद हुए. टाइटन और ट्रेंट में 6% से अधिक गिरावट आई. अल्ट्राटेक सीमेंट, बीईएल, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, इंडिगो और एशियन पेंट्स में भी नुकसान हुआ. वहीं, एचसीएल टेक में 2% से अधिक तेजी आई, जबकि पावरग्रिड और टेक महिंद्रा में मामूली उछाल रहा. बीएसई पर 3,788 शेयरों में गिरावट हुई, 641 शेयरों में तेजी रही और 1,129 शेयर 52 हफ्ते के लो पर पहुंचे. एनएसई पर 3,004 शेयर गिरावट में रहे, 336 शेयरों में तेजी आई और 962 शेयर 52 हफ्ते के लो पर पहुंचे.
सेक्टरल प्रदर्शन और वजह
ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन इंडेक्सेज से कम रहा. निफ्टी मिडकैप 3.69% और निफ्टी स्मॉलकैप 4.16% टूट गए. सेक्टरल दृष्टि से निफ्टी कंस्ट्रक्शन ड्यूरेबल में 5% से अधिक गिरावट आई, जबकि निफ्टी रियल्टी और निफ्टी मेटल में भी कमजोरी रही.
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी बाजार पर दबाव डाला. ब्रेंट क्रूड 1.23% बढ़कर 113.6 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है. अमेरिका ने ईरान को 48 घंटे में होर्मुज मार्ग खोलने की चेतावनी दी है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई और निवेशकों की चिंता बढ़ी.
आज की गिरावट वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों के बढ़ने का स्पष्ट संकेत है. विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को बाजार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहना चाहिए और लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान देना चाहिए.
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