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सेंसेक्स 2 दिन में 1600 अंक टूटा, आज बाजार में राहत या फिर दबाव?

गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 852.49 अंक यानी 1.09% टूटकर 77,664 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी50 इंडेक्स भी 205.05 अंक यानी 0.84% गिरकर 24,173.05 पर आ गया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

लगातार गिरावट के बाद आज भी भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बना हुआ है. पिछले दो सत्रों की भारी बिकवाली के असर से निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई है, जबकि वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया के तनाव के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं.

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स 852.49 अंक यानी 1.09% टूटकर 77,664 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी50 इंडेक्स भी 205.05 अंक यानी 0.84% गिरकर 24,173.05 पर आ गया. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 900 अंक तक लुढ़क गया था और निफ्टी 24,200 के नीचे फिसल गया. पिछले दो ट्रेडिंग सेशन्स में सेंसेक्स करीब 1,600 अंक टूट चुका है.

रुपये पर भी दबाव

शेयर बाजार की कमजोरी का असर मुद्रा बाजार पर भी देखने को मिला. रुपया डॉलर के मुकाबले 0.3% गिरकर 94.11 पर पहुंच गया, जो पिछले सत्र में 93.75 पर बंद हुआ था. यह गिरावट विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितता को दर्शाती है.

किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट?

सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयर लाल निशान में बंद हुए. ट्रेंट में सबसे बड़ी गिरावट (4.36%), टेक महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, इंफोसिस में दबाव, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स भी गिरे, इंडिगो और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर भी कमजोर रहे.

सेक्टरों का हाल: ऑटो और बैंकिंग पर सबसे ज्यादा मार

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो, पीएसयू बैंक और रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट, आईटी और फाइनेंस सेक्टर भी दबाव में
और फार्मा सेक्टर में हल्की तेजी देखने को मिली. ब्रॉडर मार्केट भी इससे अछूता नहीं रहा, निफ्टी मिडकैप 0.41% गिरा और निफ्टी स्मॉलकैप 0.67% लुढ़ गया.

गिरावट की बड़ी वजह क्या है?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार की इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है.

1. ईरान और अमेरिका के बीच हालात फिर बिगड़ते नजर आ रहे हैं
2. सीजफायर की उम्मीदों को झटका लगा है
3. होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ा है, जहां जहाजों पर हमले और कब्जे की खबरें हैं

इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जो 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. तेल कीमतों में तेजी भारत जैसे आयातक देश के लिए चिंता का विषय है, जिससे महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ सकता है.

इन शेयरों पर रखें नजर
24 अप्रैल को हफ्ते के आखिरी ट्रेडिंग सेशन में एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार के बढ़त के साथ खुलने के आसार हैं, जहां गिफ्ट निफ्टी करीब 92 अंक चढ़कर 24,250 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो निफ्टी-50 के पॉजिटिव ओपन का संकेत देता है. आज के कारोबार में Reliance Industries, Infosys, Adani Energy Solutions और Hindustan Zinc समेत कई बड़े स्टॉक्स फोकस में रहेंगे, खासतौर पर तिमाही नतीजों के चलते बाजार में हलचल देखने को मिल सकती है. इन्फोसिस ने मार्च तिमाही में 8,501 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 21% ज्यादा है, जबकि कंपनी की आय भी 13.4% बढ़ी है. वहीं आज अदाणी ग्रीन एनर्जी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तान जिंक, इंडसइंड बैंक, एलएंडटी फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज, श्रीराम फाइनेंस और अन्य कंपनियां अपने नतीजे जारी करेंगी, जिससे निवेशकों को कमाई के मौके मिल सकते हैं, जबकि आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी ने भी अपने मजबूत नतीजों में एयूएम में 17% की बढ़त दर्ज की है, जो कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती देता है.

विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में जारी उतार-चढ़ाव से साफ है कि निकट भविष्य में अस्थिरता बनी रह सकती है. वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों के तिमाही नतीजे आगे बाजार की दिशा तय करेंगे.

(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)


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