होम / बिजनेस / शेयर बाजार के रॉकेट बनने की ये है असली वजह, क्या जुलाई में भी दिखेगी तेजी? 

शेयर बाजार के रॉकेट बनने की ये है असली वजह, क्या जुलाई में भी दिखेगी तेजी? 

शेयर बाजार ने शानदार रिकॉर्ड के साथ जून को विदाई दी है. महीने के आखिरी दिन भी बाजार में अच्छी-खासी बढ़त देखने को मिली.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

इस महीने यानी जून के आखिरी दो कारोबारी दिन शेयर बाजार (Stock Market) के लिए शानदार रहे. बुधवार को बाजार तेजी के साथ बंद हुआ था और शुक्रवार यानी आज भी इसमें अच्छी खासी बढ़त देखी गई. इसी के साथ सेंसेक्स और निफ्टी नई ऊंचाई पर पहुंच गए हैं. कारोबार की समाप्ति पर BSE सेंसेक्स 803.14 अंकों के उछाल के साथ 64,718.56 और NSE निफ्टी 216.95 अंकों की बढ़त के साथ 19,189.05 के लेवल पर बंद हुआ. 

FPI से तय होती है दिशा 
आज के कारोबार में बैंकिंग, ऑटो, IT, FMCG, ऑयल एंड गैस, हेल्थकेयर, फार्मा, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी दर्ज हुई. खासतौर IT शेयरों में खरीदारी के चलते निफ्टी IT में 720 अंक का उछाल देखने को मिला. जबकि बैंक निफ्टी में 419 अंकों की तेजी आई. स्टॉक मार्केट में ये तेजी कई कारणों से आई है, लेकिन सबसे बड़ा कारण हैं विदेशी निवेशक. भारतीय बाजार का इतिहास रहा है कि जब भी विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) खरीदारी करते हैं, मार्केट रॉकेट की तरह दौड़ने लगता है और जब वो बाजार से हाथ खींचते हैं, तो मार्केट धड़ाम से नीचे आ जाता है. अब जब FPI खरीदारी में व्यस्त हैं, तो स्टॉक मार्केट नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है. एक रिपोर्ट बताती है कि विदेशी निवेशकों ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 87,813 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया है, जो अब तक किसी भी पहली तिमाही में किया गया सर्वाधिक विदेशी निवेश है. माना जा रहा है कि जून में बाजार की शानदार परफॉरमेंस जुलाई में भी जारी रह सकती है.

टूट सकते हैं सभी रिकॉर्ड
इससे पहले, 2014-15 की पहली तिमाही में रिकॉर्ड 37,000 करोड़ रुपए का निवेश हुआ था. विदेशी निवेश की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि ये चालू वित्त वर्ष में सभी रिकॉर्ड तोड़ सकता है. इस साल अप्रैल में शुद्ध रूप से 11,631 करोड़, मई में 43,838 करोड़ और जून में अब तक 32,344 करोड़ रुपए से ज्यादा का विदेशी निवेश आया है. बुधवार को जब बाजार ने नई ज़बरदस्त छलांग लगाई थी, तब विदेशी निवेशकों ने 12 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश किया था. 

इस सेक्टर पर ज्यादा दांव
2021 की अप्रैल-जून तिमाही में FPI ने केवल 4,600 करोड़ रुपए का निवेश किया था, जबकि 2022 की समान अवधि में 1.07 लाख करोड़ की निकासी की गई थी. अब एक बार फिर से विदेशी निवेशक भारतीय नजर पर मेहरबान हो गए हैं. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को भारतीय स्टॉक मार्केट में फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर काफी पसंद आ रहा है. इस क्षेत्र में 15 जून तक FPI द्वारा करीब 5523 करोड़ रुपए निवेश किया गया था. इसके बाद कैपिटल गुड्स सेक्टर विदेशी निवेशकों की दूसरी पसंद रहा. इस सेक्टर में उन्होंने काफी निवेश किया. 15 जून तक कैपिटल गुड्स में FPI ने लगभग 3460 करोड़ रुपए इन्वेस्ट किए थे. वहीं, ऑटो और ऑटो कॉम्पोनेंट्स सेक्टर में उनके निवेश का आंकड़ा 3079 करोड़ रुपए रहा.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

अमेरिका ने भारत समेत 5 देशों को दी बड़ी राहत, रूस से तेल आयात पर 500% की जगह अब 100% टैरिफ का प्रस्ताव

अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल के अनुसार, प्रस्तावित टैरिफ केवल रूस से ऊर्जा खरीदने वाले पांच सबसे बड़े देशों पर लागू होगा. इनमें चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान शामिल हैं.

25 minutes ago

अब मिनटों में मिलेगा LPG सिलेंडर, Instamart-HPCL ने शुरू की ऑन-डिमांड डिलीवरी

साझेदारी के तहत सबसे पहले बेंगलुरु में ऑन-डिमांड LPG सिलेंडर डिलीवरी सेवा शुरू की गई है. ग्राहक इंस्टामार्ट ऐप के जरिए HP Navya 10 किलोग्राम कम्पोजिट LPG सिलेंडर और मौजूदा 5 किलोग्राम मेटल LPG सिलेंडर ऑर्डर कर सकेंगे.

1 hour ago

जबरन मजदूरी से बने विदेशी सामानों पर भारत सख्त, आयात रोकने के लिए बदली विदेश व्यापार नीति

सरकार ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब अमेरिका भारत सहित करीब 60 देशों की सप्लाई चेन की जांच कर रहा है.

1 hour ago

घर खरीदने से क्यों पीछे हट रही है यंग जनरेशन? EMI से ज्यादा किराए और निवेश को दे रही प्राथमिकता

प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म NoBroker के सर्वे के अनुसार, 46 फीसदी किराएदार लंबे समय तक किराए पर रहने को बेहतर विकल्प मानते हैं. इनमें 25-34 वर्ष आयु वर्ग के 53 फीसदी और 35-44 वर्ष के 48 फीसदी लोग शामिल हैं.

2 hours ago

सरकारी खजाने में बंपर उछाल! कॉरपोरेट टैक्स के दम पर डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन ₹6.51 लाख करोड़ के पार

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अंतरिम आंकड़ों के मुताबिक, 13 जुलाई तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.40 फीसदी बढ़कर 6.51 लाख करोड़ रुपये हो गया.

3 hours ago


बड़ी खबरें

अब मिनटों में मिलेगा LPG सिलेंडर, Instamart-HPCL ने शुरू की ऑन-डिमांड डिलीवरी

साझेदारी के तहत सबसे पहले बेंगलुरु में ऑन-डिमांड LPG सिलेंडर डिलीवरी सेवा शुरू की गई है. ग्राहक इंस्टामार्ट ऐप के जरिए HP Navya 10 किलोग्राम कम्पोजिट LPG सिलेंडर और मौजूदा 5 किलोग्राम मेटल LPG सिलेंडर ऑर्डर कर सकेंगे.

1 hour ago

अमेरिका ने भारत समेत 5 देशों को दी बड़ी राहत, रूस से तेल आयात पर 500% की जगह अब 100% टैरिफ का प्रस्ताव

अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल के अनुसार, प्रस्तावित टैरिफ केवल रूस से ऊर्जा खरीदने वाले पांच सबसे बड़े देशों पर लागू होगा. इनमें चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान शामिल हैं.

25 minutes ago

जबरन मजदूरी से बने विदेशी सामानों पर भारत सख्त, आयात रोकने के लिए बदली विदेश व्यापार नीति

सरकार ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब अमेरिका भारत सहित करीब 60 देशों की सप्लाई चेन की जांच कर रहा है.

1 hour ago

घर खरीदने से क्यों पीछे हट रही है यंग जनरेशन? EMI से ज्यादा किराए और निवेश को दे रही प्राथमिकता

प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म NoBroker के सर्वे के अनुसार, 46 फीसदी किराएदार लंबे समय तक किराए पर रहने को बेहतर विकल्प मानते हैं. इनमें 25-34 वर्ष आयु वर्ग के 53 फीसदी और 35-44 वर्ष के 48 फीसदी लोग शामिल हैं.

2 hours ago

भारत-UK CETA आज से लागू, विदेशी कारें-शराब होंगी सस्ती, भारतीय निर्यात को मिलेगा बड़ा बूस्ट

CETA लागू होने के साथ ही भारत के अधिकांश निर्यात उत्पादों को ब्रिटेन में बिना कस्टम ड्यूटी के प्रवेश मिलेगा. टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट, लेदर, समुद्री उत्पाद, हैंडीक्राफ्ट और इंजीनियरिंग उत्पादों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है.

6 hours ago