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सेबी की बड़ी कार्रवाई : IEX शेयरों में इनसाइडर ट्रेडिंग का खुलासा, ₹173 करोड़ की अवैध कमाई जब्त
सेबी की त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि अंदरूनी जानकारी का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अवैध कमाई को तुरंत जब्त किया जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने बुधवार को भारतीय ऊर्जा एक्सचेंज (IEX) के शेयरों में अंदरूनी जानकारी (Insider Information) के आधार पर ट्रेडिंग करने वाले 8 व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की है. सेबी ने इन सभी को बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है और उनकी ₹173 करोड़ की अवैध कमाई जब्त करने का आदेश जारी किया है.
कैसे हुआ इनसाइडर ट्रेडिंग का खुलासा
जांच में पता चला कि आरोपियों ने केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) के वरिष्ठ अधिकारियों से गोपनीय सूचनाएं हासिल कर, IEX के शेयरों में मुनाफाखोरी की. मामला तब सामने आया जब CERC की एक अहम घोषणा से पहले IEX के शेयरों में असामान्य उतार-चढ़ाव और ट्रेडिंग वॉल्यूम में अचानक वृद्धि दर्ज की गई.
CERC की घोषणा और IEX पर असर
23 जुलाई को CERC ने मार्केट कपलिंग लागू करने की घोषणा की थी. इसका अर्थ है कि बिजली बाजार में सभी एक्सचेंजों की बोलियों को जोड़कर एक समान कीमत तय की जाएगी. इस घोषणा के अगले ही दिन, यानी 24 जुलाई को IEX के शेयरों में 29.5% की भारी गिरावट आई.
जांच में चौंकाने वाले खुलासे
सेबी की जांच में यह पाया गया कि आरोपी आम निवेशकों की तरह नहीं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से Put ऑप्शन्स में निवेश कर रहे थे, यानी वे पहले से जानते थे कि शेयर गिरेगा. जांच में यह भी सामने आया कि सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं और CERC की सीनियर अधिकारी योगिता एस. मेहरा से उनका निजी संपर्क था. सेबी को व्हाट्सएप चैट और जब्त किए गए दस्तावेजों से एक ज्योतिषी का नाम भी मिला, जो इन लोगों और अधिकारी के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था और ट्रेडिंग संबंधी सलाह भी देता था.
मुख्य आरोपियों की सूची
सेबी ने जिन 8 व्यक्तियों पर कार्रवाई की है, उनके नाम हैं – भुवन सिंह, अमरजीत सिंह सोरन, अमीता सोरन, अनीता, नरेंद्र कुमार, वीरेंद्र सिंह, बिंदु शर्मा और संजीव कुमार. इसके अलावा, CERC के एक अन्य अधिकारी गगन दीवान का नाम भी इस मामले से जुड़ा बताया जा रहा है, जिन्होंने संदिग्ध रूप से जानकारी साझा की थी.
सेबी का बयान
सेबी के व्होल-टाइम मेंबर कमलेश चंद्र वर्शन ने कहा कि यह मामला दिखाता है कि अंदरूनी जानकारी का दुरुपयोग किस तरह बाजार की पारदर्शिता को नुकसान पहुंचा सकता है. उन्होंने कहा, "अगर कुछ लोग ही अंदर की जानकारी का फायदा उठाएंगे, तो आम निवेशकों का भरोसा बाजार से उठ जाएगा."
आगे की कार्रवाई और प्रतिबंध की अवधि
सेबी ने कहा कि इन 8 व्यक्तियों पर बाजार में ट्रेडिंग की पाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक उनकी जब्त की गई रकम वापस नहीं की जाती. इसके अलावा, उन्हें IEX के शेयरों में कभी भी ट्रेडिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी. जांच अभी भी जारी है और सेबी ने चेतावनी दी है कि इस मामले से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है.-
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