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सेबी की बड़ी कार्रवाई: फ्रंट रनिंग ट्रेड मामले में 13 लोगों पर बैन, लाखों का जुर्माना
भारतीय बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने शेयर बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
भारतीय बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने फ्रंट रनिंग ट्रेड से जुड़े एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए 13 व्यक्तियों को सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है. इन पर आरोप है कि इन्होंने तीन ट्रस्टों के ऑर्डर प्लेसिंग से पहले ही ट्रेड कर अवैध लाभ कमाया. यह मामला भारत कनैयालाल शेठ परिवार, रवि कनैयालाल शेठ परिवार और अर्जुन विवेकाधीन ट्रस्ट से जुड़ा है. सेबी की यह जांच 1 जनवरी 2021 से 31 अक्टूबर 2022 तक चली. जांच में पाया गया कि इन संस्थाओं के ट्रेड से पहले कुछ व्यक्तियों ने अंदरूनी जानकारी के आधार पर शेयरों में सौदे किए.
₹5 से ₹15 लाख तक का जुर्माना
सेबी ने इन सभी 13 लोगों पर ₹5 लाख से ₹15 लाख तक का जुर्माना भी लगाया है. आदेश में कहा गया कि संबंधित व्यक्तियों ने ट्रस्टों द्वारा खरीदे या बेचे जाने से पहले ही शेयरों में लेनदेन किया, जिससे उन्हें अनुचित लाभ हुआ. फ्रंट रनिंग को बाजार में एक गंभीर अनियमितता माना जाता है क्योंकि यह निवेशकों के हितों को नुकसान पहुंचाती है और मार्केट की पारदर्शिता को प्रभावित करती है.
म्यूचुअल फंड अकाउंट पर नए नियमों का प्रस्ताव
इसी के साथ सेबी ने म्यूचुअल फंड अकाउंट खोलने की प्रक्रिया को लेकर एक नया प्रस्ताव भी जारी किया है. प्रस्ताव के अनुसार, अब म्यूचुअल फंड अकाउंट केवल केवाईसी (KYC) सत्यापन पूरा होने के बाद ही खोले जा सकेंगे. फिलहाल कुछ मामलों में अकाउंट केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने से पहले खुल जाते हैं, जिससे निवेशकों और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) दोनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. अधूरे या गलत केवाईसी के कारण निवेशक लेनदेन, डिविडेंड प्राप्ति या खाते की रिडेम्पशन प्रक्रिया में परेशानी झेलते हैं.
केवाईसी सत्यापन प्रक्रिया होगी सख्त
सेबी ने प्रस्ताव रखा है कि एएमसी को फंड अकाउंट खोलने से पहले सत्यापित केवाईसी दस्तावेजों की जांच करनी होगी. इसके बाद दस्तावेजों को केवाईसी पंजीकरण एजेंसियों (KRA) के पास अंतिम सत्यापन के लिए भेजा जाएगा. इस कदम का उद्देश्य निवेशकों के खातों की सुरक्षा बढ़ाना और म्यूचुअल फंड सिस्टम में पारदर्शिता लाना है.
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