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SEBI ने डेब्ट सिक्युरिटी के लिए लिक्विडिटी विंडो की शुरूआत की, कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट को मिलेगा बढ़ावा

निवेशकों को जारीकर्ताओं से पुट ऑप्शन खरीदने की अनुमति दी जाएगी, जिससे वे अपने ऋण उपकरणों को परिपक्व होने से पहले जारीकर्ता को वापस बेच सकेंगे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने निवेशकों के लिए, खासकर खुदरा ऋण प्रतिभूतियों (Retail Debt Securities) के लिए, एक नया तरलता (Liquidity) विकल्प देने का प्रस्ताव रखा है, जिसे शेयर बाजार के माध्यम से लागू किया जाएगा. SEBI ने अपने सर्कुलर में बताया कि इस नए तरलता विकल्प का उद्देश्य उन समस्याओं का समाधान करना है, जिनमें जारीकर्ताओं (Issuers) को एक विनियमित तंत्र के माध्यम से पूर्व-निर्धारित तारीखों या अंतरालों पर ऋण साधनों (Debt Instruments) पर पुट ऑप्शन देने का अवसर मिलेगा. इस योजना का उद्देश्य भारत के कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट को बढ़ावा देना है.

इस प्रस्ताव के तहत, निवेशकों को पुट ऑप्शन खरीदने की अनुमति होगी, जिससे वे अपने ऋण साधनों को उनकी परिपक्वता (Maturity) से पहले जारीकर्ता को वापस बेच सकेंगे. यह विकल्प केवल उन ऋण प्रतिभूतियों के लिए उपलब्ध होगा, जिन्हें भविष्य में सूचीबद्ध (Listed) किया जाना है और जो सार्वजनिक जारी प्रक्रिया (Public Issue) या निजी प्लेसमेंट (Private Placement) के माध्यम से जारी की जाएंगी.

SEBI ने अपने सर्कुलर में कहा कि एक इकाई जो सूचीबद्ध किए जाने वाले ऋण साधन जारी कर रही है, वह अपनी इच्छा/विवेक पर तरलता विकल्प की सुविधा प्रदान कर सकती है. यह विकल्प उन निवेशकों के लिए उपलब्ध होगा जो उन ऋण साधनों में निवेश कर रहे हैं. प्रक्रिया की निगरानी बोर्ड या एक विशेष समिति द्वारा की जाएगी, जो केवल ऋण के लिए सूचीबद्ध इकाइयों के लिए होगी.

SEBI के अनुसार, जारीकर्ताओं को उन निवेशकों की पात्रता (Eligibility) निर्धारित करनी होगी जो इस सुविधा का उपयोग कर सकते हैं. यह सुविधा खुदरा निवेशकों तक सीमित हो सकती है या उन सभी निवेशकों के लिए खुली हो सकती है जिनके पास प्रतिभूतियां डीमैट (Demat) रूप में हैं. इसके अलावा, SEBI ने सुझाव दिया कि ऋण साधनों का अंतिम जारी आकार (Final Issuance Size) 10 प्रतिशत या 15 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए. जारीकर्ता हर तरलता अवधि के लिए उप-सीमा (Sub-limits) भी तय कर सकते हैं, और यदि मांग ज्यादा हो तो इसे आनुपातिक (Proportionate) रूप से पूरा किया जाएगा.

SEBI ने यह भी कहा कि तरलता विकल्प को मासिक या त्रैमासिक आधार पर जारीकर्ता की विवेकाधीनता (Discretion) पर तीन कार्यदिवसों के लिए खुला रखा जाएगा, ताकि निवेशकों को समय पर जानकारी मिल सके. इसके अलावा, शेयर बाजार, डिपॉजिटरी, और डिबेंचर ट्रस्टी वेबसाइट्स पर इस तरलता विकल्प की उपलब्धता और उपयोगिता की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए.
 

 


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