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SEBI ने यूट्यूबर अस्मिता पटेल पर लगाया बैन, निवेशकों से ठगे 104 करोड़ रुपये
SEBI ने अस्मिता पटेल नाम की यूट्यूबर पर बैन लगा दिया है. आरोप है कि अस्मिता ने गलत ट्रेडिंग टिप्स के जरिए निवेशकों के 104 करोड़ रुपये ठग लिए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने यूट्यूबर अस्मिता जितेंद्र पटेल पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन पर बैन लगा दिया है. SEBI के अनुसार, अस्मिता ने अपनी यूट्यूब चैनल और पेड ट्रेडिंग कोर्स के माध्यम से निवेशकों को गलत ट्रेडिंग टिप्स देकर 104 करोड़ रुपये की ठगी की है. SEBI ने अपनी जांच के दौरान यह भी पाया कि अस्मिता की गतिविधियों से जुड़े 54 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं. इस मामले में अस्मिता के पति जितेश जेतलाल पटेल और अन्य चार संस्थाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है. अस्मिता ने निवेशकों को ऐसे ठगा SEBI ने शेयर बाजार में घोटालों और धोखाधड़ी के खिलाफ एक और कड़ी कार्रवाई की है. अस्मिता पटेल एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म "ग्लोबल स्कूल ऑफ ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड" चला रही थीं, जिसमें शेयर बाजार की शिक्षा देने के नाम पर गलत ट्रेडिंग टिप्स दी जा रही थीं. SEBI के मुताबिक, अस्मिता ने अपने प्लेटफॉर्म पर "Lets Make India Trade" (LMIT), "Masters in Price Action Trading" (MPAT), और "Options Multiplier" (OM) जैसे पेड कोर्स चलाए, जिनमें ट्रेडिंग सिखाने के साथ-साथ निवेशकों को शेयर खरीदने और बेचने की सलाह दी जाती थी. इस बात का खुलासा उनके प्लेटफॉर्म से जुड़े कुछ शिक्षकों ने ही किया. टेलीग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से धोखाधड़ी सालों से चल रहे इस धोखाधड़ी के मामले में SEBI ने पाया कि अस्मिता पटेल और उनके प्लेटफॉर्म के सदस्य निवेशकों को खास शेयरों को खरीदने और बेचने के लिए निर्देश देते थे. इसके अलावा, टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से शेयरों के ट्रेडिंग टिप्स और निवेश की सलाह दी जाती थी. निवेशकों को उनके कनेक्शन से जुड़े एक विशेष ब्रोकरेज फर्म में अकाउंट खुलवाने के लिए भी प्रेरित किया जाता था. कड़ी कार्रवाई की चेतावनी SEBI ने इस मामले में अस्मिता पटेल, उनके पति जितेश जेतलाल पटेल और उनके साथ जुड़े अन्य चार संस्थाओं पर निवेश की सलाह देने और रिसर्च सेवा प्रदान करने के खिलाफ बैन लगा दिया है. SEBI ने अस्मिता पटेल की कंपनी को इस बारे में स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है, और अगर वह संतोषजनक जवाब नहीं देतीं, तो उनके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. यह मामला एक बार फिर से दिखाता है कि निवेशकों को शेयर बाजार में निवेश करते समय सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि कुछ धोखाधड़ी करने वाले प्लेटफॉर्म निवेशकों की मेहनत की कमाई को आसानी से ठग सकते हैं.
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