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SBI का मिशन ग्लोबल: 2030 तक दुनिया के टॉप बैंकों में भारत की एंट्री
2030 तक SBI का वैश्विक शीर्ष 10 में शामिल होने का लक्ष्य, देश की अर्थव्यवस्था और बैंकिंग क्षेत्र दोनों के लिए नई उम्मीदों का संकेत है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago
भारतीय बैंकिंग सेक्टर तेजी से वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रहा है. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 2030 तक दुनिया के शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान बैंकों में शामिल होने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है, एक दिन बाद ही जब इसने 100 लाख करोड़ रुपये के कारोबारी आंकड़े को पार किया. यह जानकारी एसबीआई के चेयरमैन सीएस सेट्टी ने भारतीय स्टेट बैंक के बैंकिंग और अर्थशास्त्र सम्मेलन में दी.
SBI का लक्ष्य और रणनीति
एसबीआई के चेयरमैन सीएस सेट्टी ने कहा कि बैंक का उद्देश्य अपने मार्केट कैपिटल को बढ़ाना और वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करना है. उन्होंने यह भी बताया कि बैंक का लक्ष्य 15% कैपिटल पर्याप्तता अनुपात (CAR) और 12% कोर इक्विटी अनुपात (CET-1) बनाए रखना है, जबकि सितंबर 2025 के अंत तक CAR 14.62% और CET-1 11.47% था.
मार्केट कैप और वैश्विक पहचान
गुरुवार को बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन 100 अरब डॉलर से ऊपर पहुंच गया. यह HDFC बैंक, TCS, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और ICICI बैंक जैसे बड़े समूह में शामिल हो गया. यह वृद्धि बैंक की रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME लोन वृद्धि और अन्य निवेश गतिविधियों से हुई.
कैपिटल अनुपात और सुरक्षा
सेट्टी ने बताया कि कैपिटल अनुपात बढ़ाने का मकसद बैंक के पास पर्याप्त सुरक्षा बफर सुनिश्चित करना है. SBI ने कुल लोन और जमा में इस स्तर को पार कर, देश के सबसे बड़े बैंक होने का गौरव कायम रखा है.
प्रॉफिट और भविष्य की रणनीति
सितंबर 2025 की तिमाही में बैंक ने 10% सालाना बढ़त के साथ 20,160 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया. पिछले कुछ वर्षों में प्रॉफिट में हुई वृद्धि और मजबूत कैपिटल ने बैंक को ग्लोबल स्तर पर विस्तार के लिए तैयार किया है.
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