होम / बिजनेस / Samsung ने बताया, भारत को लेकर क्या है बड़ा प्लान?

Samsung ने बताया, भारत को लेकर क्या है बड़ा प्लान?

सैमसंग (Samsung) एक दक्षिण कोरियाई टेक्नोलॉजी कंपनी है और फिलहाल यह कंपनी भारत की स्मार्टफोन मार्केट में सबसे आगे है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

भारत की स्मार्टफोन मार्केट पिछले कुछ सालों के दौरान बहुत ही तेजी से बढ़ी है और ज्यादा से ज्यादा कंपनियां कोशिश कर रही हैं कि वह भारत की इस विशालकाय स्मार्टफोन मार्केट (Smartphones) में अपनी मौजूदगी दर्ज करवा सकें. अब हाल ही में सैमसंग (Samsung) ने भारत में अपने बिजनेस को विस्तृत करने को लेकर एक जरूरी घोषणा की है.

स्मार्टफोन मार्केट में Samsung की मौजूदगी
सैमसंग (Samsung) एक दक्षिण कोरियाई टेक्नोलॉजी कंपनी है और फिलहाल यह कंपनी भारत की स्मार्टफोन मार्केट में सबसे आगे है. माना जा रहा है कि यह कंपनी भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में अपनी मौजूदगी को और ज्यादा मजबूत करने के बारे में विचार कर रही है. फिलहाल सैमसंग का प्रयास है कि वह 1000 डॉलर्स से ज्यादा कीमत वाले स्मार्टफोन्स के सेगमेंट यानी ‘अल्ट्रा-प्रीमियम’ सेगमेंट पर अपनी पकड़ को मजबूत करने के बारे में विचार कर रहा है.

क्या है कंपनी का लक्ष्य?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस वक्त भारत की स्मार्टफोन मार्केट के अल्ट्रा-प्रीमियम सेगमेंट में 40% हिस्सा सैमसंग का है. अब कंपनी इस हिस्से को 40% से बढ़ाकर 50% करने के बारे में विचार कर रही है. इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कंपनी द्वारा दिसंबर 2023 तक का समय लिया जा सकता है. सैमसंग में मोबाइल बिजनेस के वरिष्ठ निदेशक, आदित्य बब्बर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हाल ही में कंपनी के ग्लोबल प्रेसिडेंट द्वारा कहा गया कि भारत में 1000 डॉलर्स से अधिक कीमत वाले सेगमेंट में अपने हिस्से को 50% तक बढ़ाने के बारे में सैमसंग विचार कर रहा है. 

कैसे प्राप्त होगा लक्ष्य? 
इसके साथ ही आदित्य ने यह भी बताया कि कंपनी को विश्वास है कि उनके फोल्डेबल फोनों की बुकिंग नंबर में बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है और इस साल के अंत तक कंपनी यह लक्ष्य पूरा कर सकती है. हाल ही में सैमसंग द्वारा फोल्डेबल फोनों की पांचवीं जनरेशन लॉन्च की गई थी जिसमें Galaxy ZFold 5 और Galaxy ZFlip 5 जैसे फोन शामिल थे. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इन स्मार्टफोनों के लिए सैमसंग को 27 जुलाई 2023 से लेकर 17 अगस्त 2023 के बीच 1,50,000 एडवांस बुकिंग प्राप्त हुई हैं और इन स्मार्टफोन्स की बदौलत ही इस साल के अंत तक सैमसंग (Samsung) अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है.
 

यह भी पढ़ें: Chandrayaan-3: मिशन की सफलता से इन कंपनियों का जोश भी हाई, रॉकेट बन सकते हैं स्टॉक!


टैग्स
सम्बंधित खबरें

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

8 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

9 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

10 hours ago

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

11 hours ago

पावर प्लांट्स में सिर्फ 9 दिन का कोयला, 42% घटा स्टॉक; लॉजिस्टिक्स बनी बड़ी चुनौती

बिजली की बढ़ती मांग और परिवहन संबंधी दिक्कतों के चलते थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले का दबाव बढ़ा, 190 में से 51 प्लांट्स में स्टॉक गंभीर स्तर पर

12 hours ago


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

11 hours ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

8 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

9 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

10 hours ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

17 hours ago