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फिर सवालों में आपके खाने का स्वाद बढ़ाने वाले मसाले, क्वालिटी से हुआ समझौता!
सूचना के अधिकार के जरिए हासिल हुए आंकड़े बताते हैं कि मसालों के 12 प्रतिशत सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल हुए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
आपके खाने का स्वाद बढ़ाने वाले मसाले एक बार फिर सवालों के घेरे में है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि MDH और एवरेस्ट के अलावा दूसरी कंपनियों के मसालों में भी मिलावट पाई गई है. सूचना के अधिकार यानी RTI के जरिए हासिल किए डेटा से पता चलता है कि मसालों के करीब 12 प्रतिशत सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गए हैं.
ऐसे हुई थी शुरुआत
इस साल अप्रैल-मई में हमारे मसालों को लेकर अन्तराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा शुरू हुई थी, जब सिंगापुर और हॉन्ग कॉन्ग ने MDH और एरेस्ट के उत्पादों पर बैन लगा दिया था. इन देशों का कहना था कि दोनों कंपनियों के उत्पादों में एथिलीन ऑक्साइड की काफी अधिक मात्रा पाई गई है, जो कैंसर की वजह बन सकता है. इसके अलावा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की एजेंसियां भी इस मामले को लेकर हरकत में आ गई थीं. कई देशों में हमारे मसालों को लेकर मचे बवाल के मद्देनजर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने जांच अभियान शुरू किया था.
दोषियों पर कार्रवाई
FSSAI ने क्वालिटी टेस्ट के लिए देशभर से मसालों के 4054 सैंपल इकट्ठे किए. जांच में 474 सैंपल यानी करीब करीब 12 प्रतिशत फेल हो गए. ये टेस्ट मई और जुलाई के बीच किए गए थे, जिनके आंकड़े अब RTI के जरिये सामने आए हैं. FSSAI का कहना है कि जिन कंपनियों के मसालों की गुणवत्ता कमतर मिली है, उनके खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जा रही है. जबकि कुछ कंपनियों के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है. हालांकि प्राधिकरण ने कार्रवाई का ब्यौरा नहीं दिया.
खतरनाक कैमिकल नहीं
इससे पहले, FSSAI ने कई देशों द्वारा मसालों में खतरनाक कैमिकल एथिलीन ऑक्साइड (Ethylene Oxide) के आरोपों से इंकार किया था. FSSAI ने 22 अप्रैल को देशभर से नमूने जुटाने शुरू किए थे. इसके तहत, एवरेस्ट और एमडीएच मसालों के 34 नमूने लिए गए. खासकर, महाराष्ट्र और गुजरात में एवरेस्ट के 9 नमूने और दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान से एमडीएच के 25 नमूनों की जांच की गई. फूड रेगुलेटर ने बताया था कि मसालों में नमी की मात्रा, कीट, एफ्लाटॉक्सिन, कीटनाशक और खासतौर पर एथिलीन ऑक्साइड की भी जांच की गई. 34 नमूनों में से 28 की लैब रिपोर्ट मिल चुकी है और इनमें एथिलीन ऑक्साइड की मात्रा नहीं पाई गई है.
180 देशों में जाते हैं मसाले
इलायची, मिर्च, धनिया, जीरा, हल्दी, अदरक, लहसुन, मेथी, सरसों और काली मिर्च सहित 75 से अधिक किस्मों के मसालों के साथ वैश्विक उत्पादन में भारत का योगदान एक तिहाई से अधिक है. हमारे प्रमुख मसाला उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान और तमिलनाडु हैं. 2020-21 में महामारी के प्रभाव के बावजूद, भारत का मसालों का निर्यात पिछले दस वर्षों में तीन गुना से अधिक बढ़ गया है. 225 विशिष्ट किस्मों के भारतीय मसाले और मसाला उत्पाद दुनिया भर के 180 से अधिक देशों में भेजे जाते हैं. ऐसे में मसालों की क्वालिटी पर फिर सवालों से इनके निर्यात पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है.
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