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रूठे को नहीं मना पाए बायजू, नाराज निवेशकों का राइट्स इश्यू में हिस्सा लेने से इंकार
एडटेक कंपनी बायजू के नाराज निवेशक अब NCLT में होने वाली सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
एडटेक कंपनी बायजू (Byju's) के बुरे दिन खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं. कंपनी लगातार परेशानियों के बवंडर में फंसती जा रही है. कंपनी के फाउंडर बायजू रवींद्रन (Byju Raveendran) ने हाल ही में रूठे निवेशकों को मनाने की कोशिश की थी, जो नाकाम साबित हुई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बायजू ने कुछ नाराज निवेशकों को राइट्स इश्यू में हिस्सा लेने के लिए 72 घंटे का अतिरिक्त समय दिया था, लेकिन निवेशकों ने इससे साफ इंकार कर दिया है. इसका मतलब साफ है कि कंपनी में हालात सामान्य नहीं हुए हैं.
निवेशकों को लिखा था पत्र
पिछले हफ्ते बायजू रवींद्रन ने नाराज सभी शेयरहोल्डर्स को राइट्स इश्यू में शामिल होने के लिए पत्र लिखा था. उन्होंने कहा था कि इस कंपनी की शुरुआत से ही उनका दृष्टिकोण सभी को एक साथ लेकर चलने और हमेशा चुनौतियों का सामना एक साथ करने का रहा है. चूंकि कुछ निवेशकों ने राइट्स इश्यू में हिस्सा नहीं लिया था, इसलिए उन्हें इसके लिए 72 घंटे का अतिरिक्त समय दिया गया है. मैं सभी निवेशकों को इस बदलाव की कहानी का हिस्सा बनाना चाहता हूं. बायजू रवींद्रन को उम्मीद थी कि इस तरह शायद वो आपसी मनमुटाव को दूर कर पाएं, मगर ऐसा हो नहीं पाया.
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4 अप्रैल को NCLT में सुनवाई
बायजू रवींद्रन से नाराज निवेशकों का मानना है कि कंपनी मैनेजमेंट के काम करने के तरीके, जानकारियों, वित्तीय पारदर्शिता और गवर्नेंस कंट्रोल्स की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है. मुख्य तौर पर Peak XV Partners, General Atlantic, Chan-Zuckerberg Initiative और प्रोसुस बायजू की कार्यप्रणाली से नाराज हैं. ये सभी निवेशक अब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में दायर याचिका पर सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं. इन निवेशकों ने NCLT में उत्पीड़न और कुप्रबंधन को लेकर याचिका दायर की है, जिस पर सुनवाई 4 अप्रैल को होनी है.
नाराजगी पड़ सकती है भारी
बायजू फाउंडर बायजू रवींद्रन ने शेयरहोल्डर्स को पत्र में लिखा था कि वे सभी निवेशकों को मौका देना चाहते हैं, इसलिए राइट्स इश्यू को 72 घंटे के लिए और खोला जाएगा. हालांकि, ये आदेश NCLT ने दिया था. NCLT ने बायजू को राइट्स इश्यू की क्लोजिंग डेट आगे खिसकाने पर विचार करने को कहा था, ताकि जिन निवेशकों ने याचिका डाली हुई है, उनके अधिकारों का हनन न हो. यदि नाराज निवेशक राइट्स इश्यू में भाग नहीं लेते हैं तो उनकी हिस्सेदारी बड़े पैमाने पर कम हो जाएगी.
किसकी, कितनी हिस्सेदारी ?
बायजू रवींद्रन, उनकी पत्नी और को-फाउंडर दिव्या गोकुलनाथ और भाई रिजु रवींद्रन के पास कंपनी की 26% हिस्सेदारी है. जबकि उन्हें बाहर करने की मांग पर अड़े निवेशकों के पास जून 2022 तक 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी थी. बता दें कि बायजू जनवरी में 20 करोड़ डॉलर जुटाने के लिए राइट्स इश्यू लेकर आई थी. हालांकि, यह इश्यू 22-25 करोड़ डॉलर के वैल्यूएशन पर लाया गया था जो इसके 2200 करोड़ डॉलर के रिकॉर्ड वैल्यूएशन से करीब 99 फीसदी डिस्काउंट पर है.
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