होम / बिजनेस / मुश्किलों के थंडर स्टॉर्म में फंसी SpiceJet, अब कंपनी पर लगा ये गंभीर आरोप
मुश्किलों के थंडर स्टॉर्म में फंसी SpiceJet, अब कंपनी पर लगा ये गंभीर आरोप
एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट के लिए आने वाला समय और भी ज्यादा मुश्किलों वाला हो सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
आर्थिक संकट से गुजर रही एयरलाइन (SpiceJet) स्पाइसजेट अब एक बड़ी मुश्किल में फंस सकती है. आरोप है कि कंपनी ने अपने कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड में करीब ढाई साल से पैसे जमा नहीं किए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्पाइसजेट के अपने कर्मचारियों के PF में पैसा जमा नहीं करने के मामले में एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) ने उसे नोटिस जारी किया है. स्पाइसजेट ने आखिरी बार जनवरी 2022 में 11,581 कर्मचारियों के पीएफ खाते में पैसे जमा किए थे. उसके बाद से कंपनी ने ऐसा नहीं किया है. इस आरोप पर स्पाइसजेट की तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
कंपनी को भेजे नोटिस
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले में ईपीएफओ ने स्पाइसजेट को नोटिस जारी किए हैं. इससे पहले फरवरी में खबर आई थी कि आर्थिक संकट और लिक्विडिटी से जुड़ी चिंताओं के चलते स्पाइसजेट ने PF राशि जमा करने में देरी की है.कहा यह भी जा रहा है कि एयरलाइन कर्मचारियों की सैलरी भी समय पर नहीं कर पा रही है. जनवरी में कंपनी ने सैलरी बांटने में देरी की थी. बता दें कि स्पाइसजेट पिछले काफी समय से परेशानियों का सामना कर रही है. उसे मुकदमेबाजी का भी सामना करना पड़ा है.
कानूनी जंग में उलझी
एयरक्राफ्ट लीज करने वाली कंपनियों के साथ स्पाइसजेट कानूनी जंग में उलझी है. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 18 अप्रैल को इन कंपनियों द्वारा दायर तीन दिवालिया याचिकाओं पर स्पाइस जेट को नोटिस भी जारी किया था. इसमें कुल 77 करोड़ रुपये के डिफॉल्ट का हवाला दिया गया था. इस साल फरवरी में स्पाइसजेट ने बताया था कि उसने विमान पट्टे पर देने वाली कंपनी सेलेस्टियल एविएशन (Celestial Aviation) के साथ चल रहे 29.9 मिलियन डॉलर (करीब 250 करोड़ रुपए) के विवाद को आपसी सहमति से सुलझा लिया है. इसी के साथ दोनों पक्षों ने अब कानूनी प्रक्रिया में आगे न बढ़ने का फैसला लिया है. सेलेस्टियल एविएशन सबसे बड़े एयरक्राफ्ट लीजर ग्रुप AerCap की सब्सिडियरी कंपनी है.
कभी थे 118 विमान
स्पाइसजेट के पास 33 ऑपरेशनल फ्लाइट्स का बेड़ा है, जिनमें से आठ वेट-लीज एयरक्राफ्ट हैं. हालांकि, 2019 में जब स्पाइसजेट अपने अच्छे दिनों को एन्जॉय कर रही थी, तब एयरलाइन के पास 118 विमानों का बेड़ा और 16,000 कर्मचारियों एके फौज थी. स्पाइसजेट देश के छठी सबसे बड़ी एयरलाइन है. 4 प्रतिशत के मार्केट शेयर वाली यह कंपनी कुल 73 डेस्टिनेशन कवर करती है, जिसमें 60 घरेलू और 13 अंतर्राष्ट्रीय हैं. घरेलू एविएशन सेक्टर में इस समय इंडिगो का कब्जा है. इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है.
क्या कहता है नियम?
नियमों के अनुसार, नियोक्ता को प्रत्येक कर्मचारी के पीएफ खाते में बराबर का योगदान करना होता है. ईपीएफओ ने मार्च 2024 में कंपनियों को पीएफ जमा में गैर-अनुपालन की स्थिति में भुगतान किए जाने वाले दंड के बारे में चेतावनी दी थी. उसने स्पष्ट कहा था कि छह महीने से अधिक समय तक चूक करने पर कॉरपोरेट्स को 25 प्रतिशत अधिक भुगतान करना पड़ सकता है. ऐसे में यदि स्पाइसजेट पर जो आरोप लगे हैं, जिनमें कुछ भी सच्चाई है तो कंपनी बड़ी मुश्किल में फंस सकती है. बता दें कि तमाम तरह की दिक्कतों के बीच कंपनी अपने दायरे में विस्तार की योजना पर काम कर रही है. एयरलाइन अयोध्या और लक्षद्वीप के लिए भी उड़ान शुरू कर सकती है. कंपनी के सीईओ अजय सिंह ने जनवरी 2024 में एयरलाइन की 39वीं वार्षिक आम बैठक में इसकी घोषणा की.
टैग्स