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अपने Health Insurance Business का कुछ हिस्सा क्यों बेचना चाहती है Religare?
रेलिगेयर ने 2020 में भी अपनी कुछ हिस्सेदारी बेची थी. उस समय PF फंड केदारा कैपिटल इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स लिमिटेड के साथ डील फाइनल हुई थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Religare Enterprises Ltd) अपने हेल्थ इंश्योरेंस बिजनेस की कुछ हिस्सेदारी बेच सकती है. कंपनी ने इसके लिए प्राइवेट इक्विटी (PE) निवेशकों के साथ बातचीत भी शुरू कर दी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Religare की 6 से 7 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 1200 करोड़ जुटाने की योजना है. रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया हुआ है कि बातचीत अभी शुरुआती चरण में है.
ज्यादा वैल्यूएशन की डिमांड
पिछले कुछ वक्त में, खासकर कोरोना के बाद हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर में पहले की तुलना में ज्यादा मजबूती देखने को मिली है. इसे ध्यान में रखते हुए Religare अपनी हिस्सेदारी के लिए ज्यादा वैल्यूएशन चाहता है. हालांकि, मामले की जानकारी रखने वालों का कहना है कि रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड जितनी वैल्यूएशन मांग रहा है, उतनी मिलना बेहद मुश्किल है.
पहले भी बेची है हिस्सेदारी
रेलिगेयर हेल्थ केयर सेक्टर में 'Care Health Insurance' के नाम से उपस्थित है. कंपनी ने 31 मार्च 2023 को समाप्त वर्ष के लिए अपने वार्षिक डायरेक्ट प्रीमियम में 32% की वृद्धि दर्ज की है. ये आंकड़ा पिछले साल के ₹3,881 करोड़ से बढ़कर ₹5,142 करोड़ पहुंच गया है. इसके अतिरिक्त, कंपनी का Net Written Premium वित्त वर्ष FY22 में ₹3,088 करोड़ से लगभग 50% बढ़कर ₹4,591 करोड़ हो गया है. रेलिगेयर ने 2020 में भी अपनी कुछ हिस्सेदारी बेची थी. उस समय PF फंड केदारा कैपिटल इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स लिमिटेड के साथ ₹567.3 करोड़ में सौदा हुआ था. इससे पहले, रेलिगेयर ने अपनी हेल्थ इंश्योरेंस यूनिट को प्राइवेट इक्विटी (PE) निवेशकों के ग्रुप वाली फर्म True North को बेचने पर सहमति जताई थी, लेकिन डील बाद में रद्द हो गई.
इसलिए जुटा रही फंड
बताया जा रहा है कि रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड अपने दूसरे बिजनेस को बूस्ट देने के लिए फंड जुटा रही है. इसी के चलते कंपनी हेल्थ इंश्योरेंस बिजनेस में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचना चाहती है. मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के अनुसार, रेलिगेयर समूह को पुनर्जीवित करने का रोडमैप तैयार कर लिया गया है और हिस्सेदारी बेचकर जो पैसा आएगा उससे नकदी संकट से जूझ रहे ग्रुप के कुछ व्यवसायों को वित्त पोषित करने में मदद मिलेगी. हालांकि, कंपनी ने अभी तक इस पर कोई बयान जारी नहीं किया है.
नया प्रबंधन संभाल रहा कामकाज
पिछले साल, रेलिगेयर ने कहा था कि वह अपने स्वास्थ्य बीमा व्यवसाय को बढ़ाने के लिए राइट्स इश्यू के माध्यम से ₹300 करोड़ जुटाने पर विचार कर रही है. एक इंटरव्यू में, समूह की कार्यकारी अध्यक्ष, रश्मि सलूजा ने कहा था कि हम स्वास्थ्य बीमा सहित सभी सहायक कंपनियों को वित्तपोषित करने के लिए एक वॉर चेस्ट का निर्माण कर रहे हैं. गौरतलब है कि धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे भाइयों मालविंदर और शिविंदर सिंह (Malvinder and Shivinder Singh) द्वारा 2012 में स्थापित रेलिगेयर का नेतृत्व अब नए प्रबंधन द्वारा किया जा रहा है.
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