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मिडिल ईस्ट संकट के बीच एयरलाइंस सेक्टर को राहत, सरकार लाई 4,000 करोड़ का इमरजेंसी पैकेज
सरकार के इस विशेष पैकेज के तहत एयरलाइंस कंपनियों को लोन पर गारंटी दी जाएगी. हर एयरलाइन को अधिकतम 1,000 करोड़ रुपये तक के लोन पर सरकारी गारंटी मिल सकेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
बढ़ती लागत, मिडिल ईस्ट संकट और कैश की तंगी से जूझ रही भारतीय एयरलाइंस कंपनियों को बड़ी राहत मिली है. सरकार ने करीब 4,000 करोड़ रुपये का इमरजेंसी लोन पैकेज पेश किया है, जिसका मकसद ऑपरेशनल दबाव झेल रही कंपनियों को सहारा देना है. इस स्कीम से खासतौर पर स्पाइसजेट (SpiceJet) जैसी वित्तीय संकट से जूझ रही एयरलाइन को राहत मिलने की उम्मीद है.
क्या है सरकार की योजना
सरकार के इस विशेष पैकेज के तहत एयरलाइंस कंपनियों को लोन पर गारंटी दी जाएगी. हर एयरलाइन को अधिकतम 1,000 करोड़ रुपये तक के लोन पर सरकारी गारंटी मिल सकेगी. इसके अलावा कंपनियां 500 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त कर्ज भी ले सकती हैं, लेकिन इसके लिए उतनी ही राशि प्रमोटर्स को खुद निवेश करनी होगी.
यह योजना वित्त मंत्रालय की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें सरकार गारंटी के जरिए विभिन्न सेक्टरों को वित्तीय सहारा दे रही है. हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि लोन देने से पहले बैंक अपनी पूरी जांच-पड़ताल करेंगे.
SpiceJet को सबसे ज्यादा फायदा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पैकेज से सबसे ज्यादा फायदा SpiceJet को मिलने की संभावना है, जो लंबे समय से नकदी संकट का सामना कर रही है. कंपनी को सैलरी देने में देरी, कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी पर भेजने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है. इसके अलावा एयरलाइन के करीब 37 विमान फिलहाल ग्राउंडेड हैं, जिनकी वजह लीज पेमेंट और स्पेयर पार्ट्स की कमी बताई जा रही है.
मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ा दबाव
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का सीधा असर भारतीय एयरलाइंस पर पड़ा है. जेट फ्यूल की कीमतों में तेजी आई है, वहीं कई रूट्स पर उड़ानों में कटौती करनी पड़ी है. दुबई जैसे बड़े हवाई अड्डों पर सीमित उड़ानों की अनुमति ने भी कंपनियों की कमाई पर असर डाला है, क्योंकि खाड़ी देशों की फ्लाइट्स एयरलाइंस के लिए अहम रेवेन्यू सोर्स होती हैं. हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम की खबरें आई हैं, लेकिन उड़ानों के पूरी तरह सामान्य होने को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है.
पहले से दबाव में था सेक्टर
भारतीय एविएशन सेक्टर पहले से ही चुनौतियों से घिरा हुआ है. पिछले कुछ वर्षों में Jet Airways और Go First जैसी एयरलाइंस के बंद होने के बाद बैंक भी इस सेक्टर को कर्ज देने में सतर्क हो गए हैं. ऐसे में सरकार का यह इमरजेंसी लोन पैकेज एयरलाइंस कंपनियों को तात्कालिक राहत देने के साथ-साथ सेक्टर में स्थिरता लाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
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