होम / बिजनेस / होर्मुज संकट के बीच भारत को राहत, कई टैंकर सुरक्षित निकले; 17 जहाज अब भी फंसे
होर्मुज संकट के बीच भारत को राहत, कई टैंकर सुरक्षित निकले; 17 जहाज अब भी फंसे
मौजूदा समय में खाड़ी क्षेत्र में 15 से अधिक भारतीय झंडे वाले जहाज मौजूद हैं, जिन पर करीब 485 भारतीय नाविक सवार हैं. लगातार जारी संघर्ष के चलते इन जहाजों की सुरक्षित वापसी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
मध्य पूर्व में जारी तनाव और तेल आपूर्ति पर मंडराते खतरे के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है. रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज (Strait of Hormuz) से कई भारतीय टैंकर सुरक्षित निकलने में सफल रहे हैं, जिससे देश की ऊर्जा आपूर्ति को बड़ी मजबूती मिली है. हालांकि, अब भी करीब 17 भारतीय जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का व्यापार होता है. हालिया संघर्ष के चलते इस मार्ग पर जोखिम बढ़ गया है, जिससे वैश्विक बाजार में चिंता का माहौल बना हुआ है.
भारतीय टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही
तनाव के बावजूद भारत ने अपने जहाजों को चरणबद्ध तरीके से सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक कम से कम आठ भारतीय जहाज इस संवेदनशील मार्ग को पार कर चुके हैं. 3 अप्रैल को LPG टैंकर ‘ग्रीन सानवी’ भी सफलतापूर्वक इस मार्ग से निकलकर भारत की ओर रवाना हो चुका है. इसके अलावा ‘ग्रीन आशा’ और ‘जग विक्रम’ जैसे जहाजों के भी जल्द पहुंचने की उम्मीद है. बता दें, LPG टैंकर ‘ग्रीन सान्वी’ से भारत करीब 44,000 टन एलपीजी पहुंचा है. यह टैंकर MOL India का है और इसकी क्षमता लगभग 50,000 टन है.
किन जहाजों ने पार किया रास्ता
अब तक होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय जहाजों में शिवालिक, नंदा देवी, जग लाड़की, पाइन गैस, जग वसंत, बीडब्ल्यू टायर, बीडब्ल्यू एल्म और ग्रीन सानवी शामिल हैं. इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही ने भारत की ऊर्जा सप्लाई को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
अब भी 17 जहाज और सैकड़ों नाविक फंसे
मौजूदा समय में खाड़ी क्षेत्र में करीब 17 भारतीय झंडे वाले जहाज मौजूद हैं, जिन पर करीब 485 भारतीय नाविक सवार हैं. लगातार जारी संघर्ष के चलते इन जहाजों की सुरक्षित वापसी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है.
ईरान का नियंत्रण और नई पाबंदियां
ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर कड़ा नियंत्रण बनाए रखा है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने दावा किया है कि यह जलमार्ग उसके पूर्ण नियंत्रण में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान नई व्यवस्था के तहत जहाजों पर टोल लगाने और कुछ देशों के जहाजों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है. खासतौर पर अमेरिका और इज़रायल से जुड़े जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जा सकती.
भारत उन देशों में शामिल है, जिन्हें “मित्र देश” मानते हुए इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी जा रही है. इससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति फिलहाल स्थिर बनी हुई है और ईंधन संकट का खतरा टला हुआ है. साथ ही, भारतीय नौसेना पहले से ही ओमान की खाड़ी और अरब सागर में तैनात है, ताकि समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
टैग्स