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Reliance Industries की बड़ी डील, NMIIA में खरीदी 74% हिस्सेदारी, इतने करोड़ में हुआ करार
इस अधिग्रहण से NMIIA रिलायंस की सहायक कंपनी बन गई. NMIIA का कारोबार पिछले तीन वित्तीय वर्षों में 34.89 करोड़, 32.89 करोड़ और 34.74 करोड़ रुपये रहा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद जानकारी दी है कि उसने बोर्ड की मंजूरी और सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ महाराष्ट्र लिमिटेड (CIDCO) की सहमति के बाद नवी मुंबई IIA प्राइवेट लिमिटेड (NMIIA) में 1628.03 करोड़ रुपये में 74 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी हासिल कर ली है. NMIIA में शेष 26 फीसदी इक्विटी शेयर CIDCO के पास हैं. इस अधिग्रहण के साथ NMIIA कंपनी की सब्सिडियरी बन गई है.
एक्सचेंज फाइलिंग में दी जानकारी
एक्सचेंज फाइलिंग में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा, 11 दिसंबर, 2024 को आयोजित रिलायंस इंडस्ट्रीज की बोर्ड बैठक में मिली मंजूरी के बाद 12 दिसंबर, 2024 को सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ महाराष्ट्र लिमिटेड (CIDCO) से नवी मुंबई IIA (NMIIA) प्राइवेट लिमिटेड के 57,12,39,588 इक्विटी शेयर हासिल किए, जो कंपनी के कुल 74% की हिस्सेदारी रखते हैं. इसके साथ ही रिलायंस ने बताया कि यह सौदा 28.50 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के भाव से हुआ है, जिसके लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज ने CIDCO को कुल मिलाकर 1628,03,28,258 रुपये का भुगतान किया है. इस सौदे के बाद CIDCO के पास NMIIA में 26% इक्विटी हिस्सेदारी शेष है. इस अधिग्रहण के साथ, NMIIA अब रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी बन गई है.
क्या करती है NMIIA?
2004 में NMIIA को महाराष्ट्र में एक इंट्रीग्रेटेड इंडस्ट्रियल एरिया (IIA) विकसित करने के लिए बनाया गया था. महाराष्ट्र रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एक्ट, 1966 के तहत इंडस्ट्रियल एरिया के डेवलपमेंट के लिए बनाई गई इस कंपनी को महाराष्ट्र सरकार ने स्पेशल प्लानिंग अथॉरिटी नियुक्त किया है. रिलायंस की तरफ से एक्सचेंज को दी गई फाइलिंग को यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं.
कैसी है NMIIA की वित्तीय स्थिति?
कंपनी ने वित्त वर्ष 2023-24 में 34.89 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2022-23 में 32.89 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2021-22 में 34.74 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया है. RIL का कहना है कि इस निवेश को संबंधित-पक्ष लेनदेन के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है और आरआईएल के किसी भी प्रमोटर, प्रमोटर समूह या समूह की कंपनी की इस लेनदेन में कोई भागीदारी नहीं है. इसके अलावा, सिडको की तरफ से दी गई सहमति के अलावा इस अधिग्रहण के लिए किसी और सरकारी या नियामकी अनुमोदन की जरूरत नहीं है.
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